ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 10 प्रमुख फ्लाइओवर के नीचे के क्षेत्रों को सार्वजनिक पार्क, वॉकिंग ट्रैक और EV चार्जिंग स्टेशनों सहित पुनः उपयोगी बनाने का नया प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस पहल से शहरी सौंदर्य और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु
- ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने 10 फ्लाइओवर के नीचे के क्षेत्रों को पुनः उपयोगी बनाने का निर्णय लिया।
- इन स्थानों को पार्क, वॉकिंग ट्रैक और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन से सुसज्जित किया जाएगा।
- स्थानीय समुदाय को नई सार्वजनिक जगहों और हरित वातावरण का लाभ मिलेगा।
चेन्नई में कई फ्लाइओवर के नीचे के स्थान लंबे समय से अभ्यस्त कचरे, बिखरे हुए वर्टिकल गार्डन और अंधेरे गलियों के रूप में देखे जाते रहे हैं। इन क्षेत्रों को अक्सर शहर के सौंदर्य का प्रतिबिंब माना जाता है, लेकिन वास्तविकता में वे गंदगी और उपेक्षा की झलक पेश करते थे।
अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) की विशेष प्रोजेक्ट्स विंग ने इन 'अंडरबेली' क्षेत्रों को बदलने की ठोस योजना पेश की है। इस योजना के तहत महालिंगापुरम, पीटर्स रोड‑कोंरन स्मिथ रोड जंक्शन, म्यूजिक अकादमी, नारदा गाना सभा, पैंथियन रोड और नॉर्थ उस्मान रोड के पास स्थित फ्लाइओवर के नीचे के स्थानों को हरे-भरे पार्क, चलने के ट्रैक और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि शहरी बुनियादी ढांचे का यह नया स्वरूप न केवल पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित और मनोरंजक सार्वजनिक स्थान भी प्रदान करेगा, जिससे शहर की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
"फ्लाइओवर के नीचे के स्थानों को सार्वजनिक पार्क में बदलना शहरी पुनरुद्धार का एक मॉडल है," कहते हैं शहरी नियोजन विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र कुमार।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इन नई सार्वजनिक जगहों में कौन-कौन सी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी?
उत्तर: पार्क, वॉकिंग ट्रैक, साइकिल लेन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन।
प्रश्न 2: इस परियोजना का कार्यान्वयन कब तक पूरा होगा?
उत्तर: शुरुआती चरण 2027 के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है, और सभी 10 स्थानों का पूर्ण रूप से विकास 2029 तक पूरा हो जाएगा।