जॉब पोर्टल Adzuna के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, स्नातक vacancies जुलाई में 15,397 से घट कर 8,383 रह गईं, यानी एक साल में 48% की गिरावट। एआई‑आधारित स्क्रीनिंग और बढ़ते रोजगार खर्च ने युवा पेशेवरों के प्रवेश‑स्तर के अवसरों को बदल दिया है।
- स्नातक vacancies में 48% गिरावट
- प्रति vacancy नौकरी खोजने वालों की संख्या 2.14 तक बढ़ी
- नियोक्ता एआई और लागत दबावों का हवाला दे रहे हैं
जॉब सर्च वेबसाइट Adzuna ने बताया कि जुलाई 2026 में केवल 8,383 स्नातक vacancies सूचीबद्ध थीं, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह संख्या 15,397 थी। यह गिरावट 2016 में डेटा रिकॉर्डिंग शुरू होने के बाद की सबसे निचली स्तर दर्शाती है।
साथ ही, नौकरी चाहने वालों की प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है। जुलाई में प्रति vacancy औसत 2.14 आवेदक थे, जो पिछले वर्ष के 1.93 से उल्लेखनीय वृद्धि है। यह संकेत देता है कि उपलब्ध पदों की संख्या घटने के साथ-साथ मांग में भी तेज़ी आई है।
Adzuna के सह-संस्थापक एंड्र्यू हंटर ने कहा, "नियोक्ताओं ने अभी तक स्नातकों को नियुक्त करने का ठोस कारण नहीं ढूँढ़ा है।" इस बीच, स्नातक नौकरी विशेषज्ञ चार्ली बॉल ने बताया कि वास्तविक स्थिति शायद उतनी गंभीर नहीं है; कंपनियां अब विशेष रूप से स्नातकों के लिए विज्ञापन कम कर रही हैं, जबकि पद स्वयं अभी भी मौजूद हैं।
ब्रिटेन की आधिकारिक आँकड़े दर्शाते हैं कि 16‑24 वर्ष की आयु के युवाओं की बेरोजगारी दर 2026 के मार्च तक 16.2% थी, और NEET (शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण में नहीं) की संख्या एक मिलियन से अधिक है। कई युवा ने बताया कि उन्होंने सैकड़ों आवेदनों के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त की।
एआई द्वारा आवेदन स्क्रीनिंग की बढ़ती प्रवृत्ति ने युवा नौकरी खोजकर्ताओं को निराश किया है। पूर्व मंत्री एलन मिलबर्न इस युवा बेरोजगारी संकट की व्यापक समीक्षा का नेतृत्व कर रहे हैं, और उन्होंने बताया कि एंट्री‑लेवल और पार्ट‑टाइम नौकरियों की संख्या घट रही है।
Adzuna के डेटा में यह भी दिखा कि यात्रा, शिक्षण और निर्माण क्षेत्रों में हाल के हफ़्तों में vacancies बढ़ी हैं, जबकि स्वास्थ्य देखभाल, नर्सिंग, आतिथ्य और लॉजिस्टिक्स में कमी आई है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सार्वजनिक अनुबंधों के नियम बदलकर कंपनियों को नौकरी और प्रशिक्षण अवसर प्रदान करने का दायित्व दिया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the sharp contraction in graduate vacancies signals a structural shift in the UK labour market, where automation and cost pressures are reshaping traditional entry pathways for young talent.
"यदि कंपनियाँ स्नातक पदों को स्पष्ट रूप से विज्ञापित नहीं कर रही हैं, तो यह दर्शाता है कि वे भर्ती प्रक्रिया को लचीला बना रहे हैं, न कि नौकरी की कमी को।" – उद्योग विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
Q1: क्या स्नातक नौकरियों की कमी का कारण एआई है?
A: एआई ने भर्ती प्रक्रिया को स्वचालित किया है, जिससे कई एंट्री‑लेवल पदों को तकनीकी कौशल वाले उम्मीदवारों के लिए पुनःपरिभाषित किया जा रहा है।
Q2: युवा बेरोजगारी को कैसे कम किया जा सकता है?
A: सरकार की £2.5 बिलियन की युवा रोजगार पहल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कंपनियों द्वारा नौकरी‑सृजन प्रतिबद्धताओं को लागू करना प्रमुख उपाय हैं।