इरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिकी दावों को खारिज किया और कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता। उन्होंने इज़राइल की परमाणु क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय उदासीनता की भी आलोचना की।

  • इरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी वार्ता को अविश्वसनीय कहा
  • ईरान ने परमाणु हथियारों की इच्छा से इनकार किया
  • इज़राइल की परमाणु क्षमता पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सीमित

इंडिया टुडे के साथ एक साक्षात्कार में, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने संयुक्त राज्य के ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संबंध में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, "यदि हम परमाणु हथियार चाहते होते, तो हम NPT का सदस्य नहीं बनते।"

पेज़ेश्कियन ने यह रेखांकित किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत कार्य करता है और अंतरराष्ट्रीय एटॉमिक ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की नियमित निगरानी में रहता है। उन्होंने कई बार कहा है कि ईरान का लक्ष्य केवल शांति पूर्ण परमाणु ऊर्जा का उपयोग है।

राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इज़राइल की परमाणु क्षमताओं के प्रति उदासीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इज़राइल की परमाणु हथियारों की संभावनाओं को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जबकि ईरान पर लगातार आरोप लगाए जाते हैं।

गाजा और लेबनान में चल रही सैन्य कार्रवाइयों की भी उन्होंने कड़ी निंदा की, जिससे बड़ी संख्या में नागरिकों की जान गई और मानवीय सहायता की आपूर्ति बाधित हुई। पेज़ेश्कियन ने कहा कि इस तरह की नीतियों से क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर खतरा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ईरान का परमाणु कार्यक्रम 1950 के दशक से शुरू हुआ, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय शंकाओं का सामना करना पड़ा। 2015 में जलवायु समझौता (JCPOA) ने कुछ राहत दी, पर 2018 में अमेरिकी एकतरफा निकास ने फिर से तनाव को बढ़ा दिया। इस संदर्भ में पेज़ेश्कियन का वर्तमान बयान एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Tehran’s firm stance against U.S. accusations could reshape diplomatic engagement in the Middle East, potentially prompting a recalibration of sanctions and influencing the broader non‑proliferation agenda.

"Erdogan’s recent remarks echo a growing skepticism among regional powers about U.S. reliability in multilateral negotiations," says Dr. Leila Hosseini, senior fellow at the Center for Middle Eastern Studies.
Did You Know?: ईरान 1970 के दशक से ही NPT (परमाणु निरस्त्रीकरण समझौता) का सदस्य है, लेकिन यह सदस्यता अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बनी रहती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या ईरान वास्तव में परमाणु हथियार बनाना चाहता है?

उत्तर: राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने कई बार स्पष्ट किया है कि ईरान का लक्ष्य केवल शांति पूर्ण ऊर्जा उपयोग है और वह परमाणु हथियार नहीं चाहता।

प्रश्न 2: इस बयान का अमेरिकी विदेश नीति पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: यह बयान अमेरिकी राजनयिकों को अधिक सावधानी बरतने और संभावित वार्ता रणनीतियों को पुनः मूल्यांकन करने पर मजबूर कर सकता है।