तेलंगाना के राजस्व मंत्री पोंगुलेती ने विधानसभा में आधिकारिक अभिलेख, पंजीकरण डेटा और वीडियो क्लिप पेश कर 22‑ए सूची से जुड़े बीआरएस‑भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस सूची में 47,440 एकड़ की कमी आई है।
- 22‑ए सूची में 47,440 एकड़ की कमी
- कांग्रेस सरकार ने 1,02,52,690 से 1,02,05,250 एकड़ तक सूची घटाई
- पोंगुलेती ने बीआरएस के कई नेताओं को अवैध लाभार्थी कहा
इतिहासिक पृष्ठभूमि
2007 में स्थापित 22‑ए सूची का उद्देश्य अनधिकृत भूमि को पंजीकरण से रोकना था। यह प्रणाली पूर्व आंध्र प्रदेश में शुरू हुई और तेलंगाना में बीआरएस के शासन के दौरान जारी रही।
22‑ए सूची का वर्तमान परिदृश्य
पोंगुलेती ने बताया कि कांग्रेस सरकार के अधीन आते ही 1,02,52,690 एकड़ की सूची से 1,02,05,250 एकड़ तक कमी आई, अर्थात् 47,440 एकड़ की कटौती। यह आंकड़ा 7 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन प्रकाशित डेटा में त्रुटियों को सुधारने के बाद प्रकाशित किया गया।
राजस्व पर प्रभाव
विपक्ष के यह दावा कि 22‑ए सूची से पंजीकरण राजस्व घटा है, को पोंगुलेती ने खारिज किया। वित्तीय वर्ष 2025‑26 के पहले पाँच महीनों में राजस्व 1,359 करोड़ रुपये बढ़ा, अप्रैल‑अगस्त 2025 में 6,216 करोड़ से बढ़कर 7,575 करोड़ रुपये हो गया।
बीआरएस पर आरोप
मंत्री ने कहा कि बीआरएस ने धरनी पोर्टल के माध्यम से भूमि अभिलेखों में अनियमितताएँ बढ़ाई। उन्होंने कई मामलों का उल्लेख किया, जैसे सिद्धिपेत, मेदक और रांगरेड्डी जिलों में बूदान, असाइन्ड और सरकारी भूमि की वर्गीकरण में बदलाव। बीआरएस विधायक हरीश राव के पिता और अन्य नेताओं को अवैध लाभार्थी बताया गया।
डेटा सुधार और उच्च न्यायालय का निर्देश
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकार ने 22‑ए सूची को श्रेणियों A‑E में विभाजित किया और 3 दिसंबर 2025 को सार्वजनिक किया। ऑनलाइन त्रुटियों को सुधारा गया, शिकायतों के निपटारे के लिए एक कॉल‑सेंटर भी स्थापित किया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the reduction in prohibited land not only boosts investor confidence but also signals a shift in land‑governance philosophy, potentially reshaping Telangana’s real‑estate market for years to come.
"यदि 22‑ए सूची को पारदर्शी रूप से लागू किया गया तो राज्य की राजस्व क्षमता में दीर्घकालिक वृद्धि संभव है," कहा भूमि‑विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंजली रॉय ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या 22‑ए सूची में कटौती का मतलब सभी विवादित भूमि अब पंजीकृत हो सकती हैं?
उत्तर: नहीं, केवल वे भूमि जो उच्च न्यायालय के मानदंडों को पूरा करती हैं, ही पुनः पंजीकरण के लिये खुलेंगी।
प्रश्न 2: भविष्य में ऐसी त्रुटियों से बचने के लिये कौन से कदम उठाए जाएंगे?
उत्तर: सरकार ने एक सतत डेटा वैरिफिकेशन टीम और सार्वजनिक शिकायत पोर्टल स्थापित किया है।