BRICS देशों ने चार नई कृषि पहलों की घोषणा की, जिसमें एग्रोइकोलॉजी, पुनर्योजी कृषि और डिजिटल कृषि नेटवर्क शामिल हैं। नई दिल्ली में अपनाए गए संयुक्त घोषणा पत्र ने किसानों के अधिकारों और WTO में कृषि वार्ता को भी सुदृढ़ किया।
- BRICS ने चार नई कृषि पहलों की घोषणा की
- एग्रोइकोलॉजी और पुनर्योजी कृषि नेटवर्क स्थापित
- डिजिटल कृषि और किसान अधिकारों पर वैश्विक मंच का शुभारम्भ
BRICS की नई कृषि पहलों का विवरण
शुक्रवार को आयोजित 16वें BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक में चार प्रमुख पहलें प्रस्तुत की गईं: एग्रोइकोलॉजी और पुनर्योजी कृषि नेटवर्क, डिजिटल कृषि नेटवर्क, किसान‑केन्द्रित AGRIN (Agro‑Inputs, Genetic Resources, and Information Network) और बीज प्रणाली में किसान अधिकारों के लिए वैश्विक फोरम। ये कदम जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने और उत्पादकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
नई दिल्ली संयुक्त घोषणा पत्र
इंदौर में हुए इस मंच ने नई दिल्ली संयुक्त घोषणा पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया, जिसमें भारत ने प्रमुख भूमिका निभाई। घोषणा में कहा गया कि BRICS AGRIN एक गैर‑बाध्यकारी, सहयोगी और किसान‑केन्द्रित मंच होगा, जो राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को सम्मिलित करेगा।
डिजिटल कृषि और एग्रोइकोलॉजी नेटवर्क
BRICS ने एग्रोइकोलॉजी और पुनर्योजी कृषि के लिए एक नेटवर्क ऑफ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, साथ ही डिजिटल कृषि, एग्रोफोरेस्ट्री, मत्स्यपालन और जल कृषि के लिए एक विशेष नेटवर्क भी बनाया जाएगा। यह नेटवर्क तकनीकी ज्ञान का आदान‑प्रदान और सतत कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देगा।
WTO में कृषि वार्ता को सुदृढ़ करना
समूह ने WTO में कृषि वार्ता को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे विकास‑उन्मुख, संतुलित और न्यायसंगत कृषि व्यापार प्रणाली स्थापित हो सके। यह कदम छोटे किसानों और परिवारिक कृषि को वैश्विक बाजार में बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
Historical Background
BRICS ने 2009 में पहली बार कृषि सहयोग मंच स्थापित किया था, जिसका उद्देश्य विकासशील देशों की कृषि क्षमता को बढ़ावा देना था। तब से सहयोग में निरंतर विस्तार हुआ, विशेषकर जलवायु‑सुरक्षित प्रथाओं और डिजिटल तकनीकों के समावेश से।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that these initiatives could position BRICS as a decisive force in shaping global agri‑policy, offering developing nations a viable alternative to traditional Western‑dominated trade frameworks.
"सतत कृषि में निवेश न केवल खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि जलवायु जोखिमों को भी कम करेगा," कृषि विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
Q1: AGRIN नेटवर्क का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A: यह नेटवर्क कृषि इनपुट, जीनेटिक रिसोर्सेज और सूचना का साझा मंच बनाकर किसानों को सशक्त बनाता है।
Q2: डिजिटल कृषि नेटवर्क से छोटे किसान कैसे लाभान्वित होंगे?
A: यह नेटवर्क सटीक खेती, डेटा‑आधारित निर्णय और बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगा।