रहित को 19 मई को प्रतिबंध आदेश दिया गया था, लेकिन उसने इसे तोड़ दिया और शालिनी को लगातार परेशान किया। अंततः वह कैलिफ़ोर्निया में भारतीय मूल की महिला की हत्या कर बैठा। मामला घरेलू हिंसा और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी सुरक्षा को उजागर करता है।

  • रोहित पर 19 मई को प्रतिबंध आदेश जारी किया गया था।
  • उसने आदेश तोड़कर शालिनी को एक वर्ष से अधिक समय तक पीछा किया।
  • अंततः उसने कैलिफ़ोर्निया में भारतीय मूल की महिला की हत्या कर दी।

सुदेश कुमारी, शालिनी की माँ, ने कहा कि रोहित ने लगभग एक साल तक अपनी बेटी को लगातार स्टॉक किया और उत्पीड़न किया। उनका दावा है कि रोहित ने शालिनी से शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उम्र के अंतर के कारण वह अस्वीकार कर गई।

19 मई को, स्थानीय न्यायालय ने रोहित को प्रतिबंध आदेश जारी किया, जिससे उसे शालिनी और उसके परिवार से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं रखने का निर्देश मिला। हालांकि, इस आदेश का उल्लंघन करके वह लगातार संदेश, कॉल और AirTag जैसी ट्रैकिंग डिवाइस का उपयोग करता रहा।

अंततः, 28 मई को कैलिफ़ोर्निया के एक उपनगर में शालिनी की मित्र, जो भारतीय मूल की थी, को मारते हुए रोहित को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि शिकार महिला को मारने से पहले रोहित ने कई बार उसे पीछा किया था और उसकी व्यक्तिगत जानकारी को ट्रैक करने के लिए तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

संयुक्त राज्य अमेरिका में स्टॉकिंग के खिलाफ कानून पिछले दो दशकों में कई बार सख्त किए गए हैं, लेकिन प्रवासी समुदायों में अक्सर इस प्रकार की हिंसा को रिपोर्ट नहीं किया जाता। भारतीय डायस्पोरा के भीतर घरेलू हिंसा और स्टॉकिंग के मामलों की रिपोर्टिंग में कमी, सांस्कृतिक दमन और भाषा बाधाओं के कारण होती है।

कैलिफ़ोर्निया ने 2019 में Stalking Prevention Act पारित किया, जिसमें प्रतिबंध आदेश के उल्लंघन पर सख्त दंड निर्धारित किया गया है। फिर भी, इस केस में दिखाया गया है कि तकनीकी उपकरणों का दुरुपयोग कैसे न्यायिक आदेशों को बायपास कर सकता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the misuse of tracking devices like AirTag in personal vendettas highlights a growing gap in digital privacy laws. When restraining orders are easily circumvented, victims—especially from minority communities—face heightened risk, urging policymakers to revisit enforcement mechanisms.

“डिजिटल ट्रैकिंग टूल्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े नियम आवश्यक हैं, अन्यथा न्यायिक आदेश बेकार हो जाएंगे,” कहा साइबर‑सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
Did You Know?: 2022 में कैलिफ़ोर्निया में केवल 12% स्टॉकिंग मामलों में प्रतिबंध आदेश का उल्लंघन दर्ज किया गया, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 35% तक बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या प्रतिबंध आदेश का उल्लंघन करने पर तुरंत जेल की सजा मिलती है?

उत्तर: कैलिफ़ोर्निया में, उल्लंघन को गंभीर अपराध माना जाता है और अक्सर जुर्माना एवं जेल दोनों की सजा दी जाती है, लेकिन वास्तविक दंड मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 2: भारतीय मूल के प्रवासियों को स्टॉकिंग से बचाने के लिए कौन से समर्थन समूह उपलब्ध हैं?

उत्तर: कई गैर‑सरकारी संगठनों जैसे South Asian Women’s Center और स्थानीय पुलिस विभागों की विशेष इकाइयाँ पीड़ितों को कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करती हैं।