ईरान के राष्ट्रपति की बेटी पेज़ेश्कियन ने दिल्ली में राष्ट्रपति भवन का दौरा किया और ब्रिक्स बाज़ार में पारंपरिक हस्तशिल्प देखे। इस सांस्कृतिक यात्रा ने भारत‑ईरान संबंधों को नई ऊर्जा दी।
- पेज़ेश्कियन की बेटी ने राष्ट्रपति भवन का औपचारिक दौरा किया
- ब्रिक्स बाज़ार में भारतीय शिल्प का अनूठा प्रदर्शन
- इज़रान‑भारत सांस्कृतिक कूटनीति में नया मोड़
नई दिल्ली ने 13 नवंबर को ईरान के राष्ट्रपति की बेटी, पेज़ेश्कियन, के स्वागत में विशेष व्यवस्था की। राष्ट्रपति भवन के प्रमुख द्वार पर लाल कार्पेट बिछाया गया और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी किया गया।
भ्रमण के दौरान पेज़ेश्कियन ने प्रधानमंत्री संग्रहालय की प्रदर्शनी देखी, जहाँ भारत‑ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाया गया। इसके बाद वे ब्रिक्स बज़ार की ओर बढ़ीं, जहाँ भारत के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय खाद्य पदार्थ प्रदर्शित किए गए।
ब्रिक्स बज़ार, जो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित किया गया, अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराता है। पेज़ेश्कियन ने खास तौर पर राजस्थान की ब्लॉक प्रिंट और कश्मीर के पेश्मे की प्रशंसा की।
यह दौरा केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि दो देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का प्रतीक है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और ईरान ने ऊर्जा, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्रों में कई समझौते किए हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such high‑profile cultural visits reinforce soft power ties, paving the way for smoother negotiations on trade and energy projects within the BRICS framework.
"सांस्कृतिक कूटनीति आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है," कहते हैं अंतर्राष्ट्रीय संबंध विशेषज्ञ डॉ. अनीता गुप्ता।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: पेज़ेश्कियन की भारत यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: मुख्य उद्देश्य भारत‑ईरान के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को गहरा करना तथा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सहयोग को सुदृढ़ करना था।
प्रश्न 2: ब्रिक्स बज़ार में कौन‑कौन से भारतीय हस्तशिल्प प्रदर्शित हुए?
उत्तर: राजस्थान की ब्लॉक प्रिंट, कश्मीर के पेश्मे, ओडिशा की सिल्क पैंट, और गुजरात की कढ़ाई प्रमुख रूप से दिखाए गए।