कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इंडिया इंटरनेशनल कॉफी फेस्टिवल (IICF) का तीसरा संस्करण फरवरी 2027 में बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा। यह वैश्विक मंच कॉफी उत्पादकों, रोस्टर्स और उपभोक्ताओं को एक साथ लाएगा।

  • IICF का तीसरा संस्करण 26-28 फरवरी, 2027 को बेंगलुरु में आयोजित होगा।
  • कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और SCAI द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाएगा।
  • राष्ट्रीय कॉफी चैंपियनशिप और बारिस्ता चैंपियनशिप जैसे प्रमुख आकर्षण होंगे।
  • भारत में कॉफी की प्रति व्यक्ति खपत वैश्विक औसत से काफी कम है, जिससे विकास की अपार संभावनाएं हैं।

भारत के कॉफी उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर तय हो गया है। कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया और स्पेशियलिटी कॉफी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SCAI) ने घोषणा की है कि इंडिया इंटरनेशनल कॉफी फेस्टिवल (IICF) का तीसरा संस्करण 26 से 28 फरवरी, 2027 तक भारत की सिलिकॉन वैली, बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।

यह आयोजन एक 'फार्म-टू-कप' प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा, जो कॉफी उत्पादकों, रोस्टर्स, कैफे ब्रांडों, बारिस्ता, उपकरण निर्माताओं और कॉफी प्रेमियों को एक ही छत के नीचे लाएगा। यह महोत्सव न केवल भारत में कॉफी संस्कृति का जश्न मनाएगा, बल्कि वैश्विक बाजार में भारतीय कॉफी की बढ़ती साख को भी प्रदर्शित करेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में कॉफी की खपत का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। वर्तमान में, भारत में प्रति व्यक्ति कॉफी की वार्षिक खपत मात्र 0.07 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 1.3 किलोग्राम है। दक्षिण भारत देश की कुल कॉफी खपत का 75-80% हिस्सा कवर करता है, लेकिन अब उत्तर, पश्चिम और पूर्वी भारत के बाजारों में भी कॉफी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

"IICF भारत के कॉफी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब कैफे संस्कृति पूरे देश में फैल रही है," - कुर्मा राव एम., सीईओ और सचिव, कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया।

इस महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण नेशनल कॉफी चैंपियनशिप होगी। इसमें 26वीं नेशनल बारिस्ता चैंपियनशिप, ब्रुअर्स कप, इंडियन फिल्टर कॉफी चैंपियनशिप और पहली बार 'कॉफी इन गुड स्पिरिट्स' जैसी प्रतियोगिताएं शामिल होंगी। इन प्रतियोगिताओं के विजेता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत सदियों से दुनिया की कुछ बेहतरीन कॉफी किस्मों का उत्पादन करता रहा है। हालांकि, लंबे समय तक भारतीय कॉफी मुख्य रूप से एक कमोडिटी के रूप में निर्यात की जाती रही है। अब, बदलती जीवनशैली और बढ़ते शहरीकरण के साथ, भारत के भीतर ही 'स्पेशियलिटी कॉफी' का एक नया युग शुरू हो रहा है, जहाँ स्वाद और अनुभव को महत्व दिया जा रहा है।

Did You Know?: भारत में कॉफी की खपत का लगभग 70% हिस्सा शहरी क्षेत्रों से आता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी मांग बढ़ रही है।

Frequently Asked Questions

Q1: IICF 2027 कब और कहां आयोजित होगा?
A1: यह 26 से 28 फरवरी, 2027 तक बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा।

Q2: इस महोत्सव में कौन भाग ले सकता है?
A2: इसमें कॉफी उत्पादक, कैफे मालिक, बारिस्ता, उपकरण निर्माता और कॉफी के शौकीन सभी शामिल हो सकते हैं।