मास्टरकार्ड और सिटी यूनियन बैंक ने भारत का पहला 'वन क्रेडेंशियल' समाधान पेश किया है, जो उपभोक्ताओं और SMEs को एक ही टोकन के माध्यम से कई भुगतान खातों को प्रबंधित करने की सुविधा देता है।

  • एक ही प्राइमरी कार्ड से कई पेमेंट अकाउंट्स को लिंक करने की सुविधा।
  • लेनदेन की राशि और मर्चेंट श्रेणी के आधार पर ऑटोमैटिक रूटिंग।
  • व्यक्तिगत और व्यावसायिक खर्चों को अलग रखने में SMEs की मदद।

मुंबई, महाराष्ट्र: डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, मास्टरकार्ड (Mastercard) ने सिटी यूनियन बैंक (CUB) के साथ मिलकर भारत में अपने 'वन क्रेडेंशियल' (One Credential) समाधान का पायलट लॉन्च किया है। यह देश का पहला ऐसा अनुभव है जो उपभोक्ता और वाणिज्यिक भुगतान संबंधों को एक ही टोकनकृत क्रेडेंशियल के तहत लाता है।

इस नई तकनीक के माध्यम से, कार्डधारक अपने प्राथमिक कार्ड से कई पात्र भुगतान संबंधों को जोड़ सकते हैं। उपयोगकर्ता अपनी पसंद के अनुसार नियम निर्धारित कर सकते हैं, जैसे कि लेनदेन की राशि, मर्चेंट की श्रेणी या चैनल। इसके परिणामस्वरूप, जब प्राथमिक कार्ड का उपयोग किया जाता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से लेनदेन को सही फंडिंग स्रोत (खाते) की ओर भेज देता है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह नवाचार 'कार्ड प्रोलिफरेशन' (कार्डों की अधिकता) की समस्या को हल करता है। अब ग्राहकों को अलग-अलग लाभों के लिए दर्जनों प्लास्टिक कार्ड ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई ग्राहक यात्रा से संबंधित खरीदारी करता है, तो सिस्टम स्वचालित रूप से उसे 'ट्रैवल-फोकस्ड' कार्ड से जोड़ देगा ताकि अधिकतम रिवॉर्ड मिल सकें।

"डिजिटल अपनाने की गति के साथ, भुगतान का भविष्य विकल्प, सरलता और नियंत्रण देने में निहित है।" - गौतम अग्रवाल, प्रेसिडेंट, इंडिया और साउथ एशिया, मास्टरकार्ड।

SMEs (लघु और मध्यम उद्यमों) के लिए यह समाधान विशेष रूप से लाभकारी है। यह उन्हें अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक खर्चों को स्पष्ट रूप से अलग रखने में मदद करता है, जबकि उन्हें एक ही इंटरफेस के माध्यम से व्यावसायिक लाभ प्राप्त करने की अनुमति देता है।

बैंकों के लिए, यह समाधान क्रॉस-सेलिंग के नए अवसर खोलता है। बिना नया भौतिक कार्ड जारी किए, बैंक ग्राहक के मौजूदा क्रेडेंशियल से नई क्रेडिट लाइन या अन्य उत्पाद जोड़ सकते हैं। सिटी यूनियन बैंक अब दुनिया के उन पहले बैंकों में शामिल हो गया है जिन्होंने इस वैश्विक नवाचार को अपनाया है।

क्या आप जानते हैं?: टोकनाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें संवेदनशील कार्ड विवरण को एक अद्वितीय डिजिटल कोड (टोकन) से बदल दिया जाता है, जिससे लेनदेन अधिक सुरक्षित हो जाते हैं।
विशेषतापारंपरिक भुगतानवन क्रेडेंशियल
कार्ड की संख्याप्रत्येक खाते के लिए अलग कार्डएक प्राथमिक क्रेडेंशियल
फंडिंग चयनमैनुअल चयन (चेकआउट समय)स्वचालित (नियम-आधारित)
प्रबंधनजटिल और बिखरा हुआएकीकृत और सरल

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या मुझे नए कार्ड की आवश्यकता होगी?
नहीं, आप अपने मौजूदा प्राथमिक कार्ड को ही कई खातों से लिंक कर सकते हैं।

2. क्या यह SMEs के लिए सुरक्षित है?
हाँ, यह टोकनाइजेशन तकनीक का उपयोग करता है और व्यावसायिक व व्यक्तिगत खर्चों का सटीक पृथक्करण सुनिश्चित करता है।