पुणे स्थित डेयरी स्टार्टअप प्रोविलैक ने अपने पहले संस्थागत फंडिंग राउंड में 14 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। इस निवेश का उपयोग कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और बैंगलोर जैसे नए बाजारों में प्रवेश करने के लिए करेगी।
- प्रोविलैक ने पंथेरा ग्रोथ पार्टनर्स से 14 मिलियन डॉलर की फंडिंग प्राप्त की है।
- कंपनी अल्ट्राफिल्ट्रेशन तकनीक के जरिए प्राकृतिक रूप से हाई-प्रोटीन दूध प्रदान करती है।
- फंडिंग का उपयोग विनिर्माण क्षमता बढ़ाने और बैंगलोर जैसे नए शहरों में विस्तार के लिए किया जाएगा।
पुणे स्थित अग्रणी डेयरी ब्रांड प्रोविलैक (Provilac) ने भारत के पोषण परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने पहले संस्थागत निवेश दौर में पन्थेरा ग्रोथ पार्टनर्स (Panthera Growth Partners) से 14 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। एक दशक से अधिक समय तक बूटस्ट्रैप्ड (स्व-वित्तपोषित) रहने के बाद, यह निवेश प्रोविलैक को हाई-प्रोटीन डेयरी श्रेणी में भारत का सबसे बड़ा ब्रांड बनाने में मदद करेगा।
प्रोविलैक की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'हाई-प्रोटीन मिल्क' है। यह उत्पाद 250 मिलीलीटर के एक सर्विंग में 25 ग्राम प्रोटीन प्रदान करता है, जो साधारण दूध की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रोटीन किसी पाउडर या बाहरी स्रोत से नहीं जोड़ा गया है, बल्कि अल्ट्राफिल्ट्रेशन तकनीक के माध्यम से दूध में प्राकृतिक रूप से मौजूद प्रोटीन को केंद्रित किया गया है। यह उत्पाद लैक्टोज-मुक्त भी है, जिससे यह हर उम्र के उपभोक्ताओं के लिए उपयुक्त हो जाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में 'प्रोटीन गैप' एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। अधिकांश भारतीय अपनी दैनिक आहार आवश्यकताओं में प्रोटीन की कमी का सामना करते हैं। प्रोविलैक का मॉडल इस समस्या को सीधे रसोई तक पहुँचाता है। जब उपभोक्ता अपने दैनिक दूध के सेवन के माध्यम से ही प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं, तो उन्हें महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, बल्कि डेयरी उद्योग में एक नए 'प्रीमियम न्यूट्रिशन' सेगमेंट का निर्माण कर रहा है।
"भारत को बेहतर प्रोटीन पोषण के लिए आयात करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसका समाधान हमारे अपने दूध में ही मौजूद है।" - सिद्धार्थ रनवाल, संस्थापक, प्रोविलैक।
गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, प्रोविलैक हर तीन महीने में NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में तीसरे पक्ष के परीक्षण कराता है। इसमें एंटीबायोटिक अवशेषों, मिलावट और माइक्रोबियल विश्लेषण जैसे कड़े मानकों की जांच की जाती है। वर्तमान में, कंपनी मुंबई, पुणे, हैदराबाद, दिल्ली एनसीआर और जयपुर में 50,000 से अधिक घरों को अपनी सेवाओं से जोड़ चुकी है।
आगामी योजनाओं के तहत, कंपनी अब विटामिन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों से युक्त डेयरी उत्पादों को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। बैंगलोर में प्रवेश के लिए कंपनी FirstClub और Blinkit Gourmet के साथ साझेदारी कर रही है, जिससे इसकी पहुंच और अधिक व्यापक होगी।
| विशेषता | साधारण दूध | प्रोविलैक हाई-प्रोटीन मिल्क |
|---|---|---|
| प्रोटीन (250ml) | ~8-9 ग्राम | 25 ग्राम |
| प्रोटीन स्रोत | प्राकृतिक | प्राकृतिक (अल्ट्राफिल्ट्रेशन द्वारा केंद्रित) |
| लैक्टोज | उपस्थित | लैक्टोज-मुक्त |
Frequently Asked Questions
1. क्या प्रोविलैक दूध में प्रोटीन पाउडर मिलाया जाता है?
नहीं, प्रोविलैक अल्ट्राफिल्ट्रेशन तकनीक का उपयोग करता है जो दूध में पहले से मौजूद प्राकृतिक प्रोटीन को केंद्रित करता है।
2. प्रोविलैक की सेवाएं किन शहरों में उपलब्ध हैं?
यह वर्तमान में मुंबई, पुणे, हैदराबाद, दिल्ली एनसीआर, जयपुर और अब बैंगलोर में उपलब्ध है।