दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची के डिजिटलीकरण में देरी के कारण चुनाव आयोग ने समय सीमा को 17 अगस्त तक बढ़ा दिया है। इस देरी के कारण अंतिम मतदाता सूची अब 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
मुख्य बिंदु
- SIR प्रक्रिया की समय सीमा अब 17 अगस्त तक बढ़ाई गई है।
- डिजिटलीकरण का कार्य अभी केवल 63% ही पूरा हो पाया है।
- अंतिम मतदाता सूची अब 19 अक्टूबर के बजाय 27 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।
- अधिकारियों का अनुमान है कि दिल्ली की मतदाता सूची से 30-40% नाम हटाए जा सकते हैं।
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत घर-घर जाकर सत्यापन करने की प्रक्रिया में देरी देखी जा रही है। चुनाव आयोग (EC) ने मंगलवार को घोषणा की कि डिजिटलीकरण की धीमी गति को देखते हुए इस प्रक्रिया की समय सीमा को बढ़ाकर 17 अगस्त कर दिया गया है। इससे पहले यह समय सीमा 8 अगस्त निर्धारित थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार रात 8 बजे तक केवल 63% फॉर्म ही डिजिटल किए जा चुके हैं। इस देरी का सीधा असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ेगा, क्योंकि अब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 19 अक्टूबर के बजाय 27 अक्टूबर को किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली की गतिशील आबादी, जिसमें प्रवासी मजदूर और पेशेवर शामिल हैं, मतदाता सूची के शुद्धिकरण में बड़ी चुनौती पेश कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली की मतदाता सूची से 30% से 40% तक नाम हटाए जा सकते हैं, क्योंकि कई लोग अपना पता अपडेट नहीं करते हैं।
प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण डेटा डिजिटलीकरण की धीमी गति और दिल्ली की अस्थिर आबादी है।
इस प्रक्रिया ने एक राजनीतिक विवाद का रूप भी ले लिया है। जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि भाजपा के प्रभाव में असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, वहीं भाजपा ने तर्क दिया है कि कई लोग दोहरे पंजीकरण (गांव और दिल्ली दोनों जगह) के कारण सूची से बाहर हो रहे हैं।
क्षेत्रवार डिजिटलीकरण की स्थिति
| जिला | डिजिटलीकरण दर (%) |
|---|---|
| आउटर नॉर्थ | 73% |
| साउथ वेस्ट | 71% |
| ईस्ट | 57% |
| साउथ ईस्ट | 50% |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. नई समय सीमा क्या है?
अब सत्यापन प्रक्रिया 17 अगस्त तक चलेगी और अंतिम सूची 27 अक्टूबर को आएगी।
2. नाम क्यों हटाए जा रहे हैं?
मुख्य रूप से पते अपडेट न करने और दोहरे पंजीकरण के कारण नाम हटाए जा रहे हैं।