बेंगलुरु के सदी पुराने रसेल मार्केट के पुनर्विकास की योजना सामने आई है। भीड़भाड़ और गंदगी की समस्या को दूर करने के लिए अब यहाँ कोल्ड स्टोरेज, कंपोस्टिंग प्लांट और 500 मीटर लंबा स्काईवॉक बनाया जाएगा।
- सदी पुराने रसेल मार्केट का बुनियादी ढांचे और स्वच्छता पर केंद्रित व्यापक पुनर्विकास।
- एक टन क्षमता वाले कंपोस्टिंग प्लांट और विशेष फिश-क्लीनिंग बे का निर्माण।
- भीड़ कम करने के लिए 500 मीटर लंबा स्काईवॉक और दो स्तरों वाली बेसमेंट पार्किंग।
- निर्माण के दौरान व्यापारियों की सुविधा के लिए चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना।
बेंगलुरु का प्रतिष्ठित रसेल मार्केट, जो एक सदी से अधिक समय से व्यापार का केंद्र रहा है, अब एक बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। वर्षों की देरी और छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों के बाद, सरकार ने इस बाजार के आधुनिकीकरण के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट जारी किया है। परियोजना के लिए निविदाएं (tenders) जारी कर दी गई हैं, जिन्हें अगले 45 दिनों में आवंटित किए जाने की उम्मीद है।
इस पुनर्विकास की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि बाजार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई थी। अत्यधिक भीड़, खराब जल निकासी और स्वच्छता की कमी ने यहाँ व्यापार करना मुश्किल कर दिया था। विशेष रूप से पिछला ब्लॉक, जो 2012 की भीषण आग में तबाह हो गया था, अब पूरी तरह से असुरक्षित है और इसे नए सिरे से बनाने की योजना है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि एक आवश्यक शहरी हस्तक्षेप है। कचरा प्रबंधन को सीधे वास्तुशिल्प डिजाइन में शामिल करके, शहर शिवजिनगर में फैलने वाली बदबू और गंदगी की जड़ पर प्रहार कर रहा है। एक अव्यवस्थित थोक-खुदरा बाजार से एक व्यवस्थित मॉड्यूल-आधारित लेआउट की ओर बढ़ना आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगा और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर करेगा।
नए डिजाइन के केंद्र में 'वेस्ट मैनेजमेंट' है। चूंकि यह बाजार प्रतिदिन 14 टन मांस अपशिष्ट और 5 टन सब्जी अपशिष्ट उत्पन्न करता है, इसलिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी अलग-अलग फिश-क्लीनिंग बे और हर मंजिल पर पशु अपशिष्ट के लिए रेफ्रिजेरेटेड स्टोरेज बना रही है। इसके अलावा, 50 वर्ग मीटर के क्षेत्र में एक कंपोस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा, जिससे जैविक कचरे से खाद बनाकर उसे बेचा जा सकेगा।
"इतने घने शहरी क्षेत्र में वाणिज्यिक माल की आवाजाही और पैदल चलने वालों के बीच के टकराव को रोकने का एकमात्र तरीका 'स्लॉट-आधारित बुकिंग सिस्टम' ही है।"
ट्रैफिक की समस्या को हल करने के लिए, योजना में 500 मीटर लंबा स्काईवॉक और दो स्तरों वाली बेसमेंट पार्किंग शामिल है। इससे सड़कों पर होने वाली पार्किंग और जाम से मुक्ति मिलेगी। दुकानदारों के लिए छह प्रकार के शॉप मॉड्यूल प्रस्तावित हैं, जिसमें मछली विक्रेताओं को नए रियर ब्लॉक की ऊपरी मंजिलों पर स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि मांस बाजार ग्राउंड फ्लोर पर ही रहेगा।
| विशेषता | वर्तमान स्थिति | प्रस्तावित पुनर्विकास |
|---|---|---|
| कचरा प्रबंधन | बंद नालियां, खुला कचरा | कंपोस्टिंग प्लांट और कोल्ड स्टोरेज |
| पार्किंग | सड़क किनारे, अत्यधिक जाम | दो-स्तरीय बेसमेंट पार्किंग |
| ढांचा | पुराना, असुरक्षित पिछला ब्लॉक | आधुनिक रियर ब्लॉक और संरक्षित क्लॉक टॉवर |
| लॉजिस्टिक्स | अनियंत्रित लोडिंग/अनलोडिंग | स्लॉट-आधारित बुकिंग और समर्पित बे |
इस परियोजना को चरणों में लागू किया जाएगा ताकि व्यापार प्रभावित न हो। आर्किटेक्ट निशिता परमार ने बताया कि पहले मांस और मछली विक्रेताओं को सेंट्रल प्लाजा में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि पिछले ब्लॉक का निर्माण शुरू हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: रसेल मार्केट में काम कब शुरू होगा?
उत्तर: निविदाएं जारी कर दी गई हैं और अगले 45 दिनों में उन्हें आवंटित किए जाने की उम्मीद है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से काम शुरू होगा।
प्रश्न: क्या ऐतिहासिक क्लॉक टॉवर को ढहा दिया जाएगा?
उत्तर: नहीं, योजना के अनुसार सामने के हिस्से और क्लॉक टॉवर को बरकरार रखा जाएगा और केवल उनका नवीनीकरण किया जाएगा।