डोंबिवली में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को डेटिंग ऐप के जरिए जालसाजों ने अपना शिकार बनाया। प्यार और पुलिस का डर दिखाकर उनसे कुल 18.22 लाख रुपये वसूल लिए गए।

मुख्य बातें

  • 70 वर्षीय बुजुर्ग को 'Tagged' नामक डेटिंग ऐप पर ठगा गया।
  • ठगों ने 'घरेलू हिंसा' और 'पुलिस केस' का डर दिखाकर पैसे ऐंठे।
  • पीड़ित ने कुल 18.22 लाख रुपये गंवाए।
  • डोंबिवली की विष्णु नगर पुलिस ने FIR दर्ज की है।

महाराष्ट्र के डोंबिवली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ प्यार की तलाश कर रहे एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को साइबर अपराधियों ने अपना शिकार बना लिया। पीड़ित, जिनका नाम संजय पंडित है, ने पुलिस को बताया कि उन्हें डेटिंग ऐप के माध्यम से एक सुनियोजित जाल में फंसाया गया और उनसे भारी भरकम राशि ठग ली गई।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?

पुलिस जांच के अनुसार, पंडित ने मार्च में 'Tagged' नामक डेटिंग ऐप डाउनलोड किया था। यहाँ उनकी मुलाकात निमिषा अल्वा नाम की एक महिला से हुई। बातचीत के दौरान, महिला ने खुद को घरेलू हिंसा का शिकार बताया और सहानुभूति बटोरने के लिए पंडित से आर्थिक मदद मांगी। मासूमियत में आकर पंडित ने उसे पैसे देना शुरू कर दिया।

ठगी का खेल यहीं नहीं रुका। मार्च के अंत में, पंडित को एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को बेंगलुरु पुलिस का ACP तेजस बताया। उस व्यक्ति ने दावा किया कि निमिषा और उसके पति ने पंडित के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। मामले को रफा-दफा करने के नाम पर, फर्जी अधिकारी ने पंडित से और पैसे मांग लिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि डिजिटल युग में अकेलेपन का फायदा उठाने वाले अपराधी अब अधिक परिष्कृत (sophisticated) हो गए हैं। यह मामला दर्शाता है कि कैसे अपराधी 'इमोशनल ब्लैकमेल' और 'अथॉरिटी का डर' (जैसे पुलिस का नाम लेना) दोनों का एक साथ इस्तेमाल करते हैं।

साइबर अपराधी अब केवल तकनीक का नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और डर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

पीड़ित ने डर के मारे काफी समय तक पुलिस को सूचना नहीं दी, जिसके कारण अपराधियों को भागने का मौका मिल गया। फिलहाल, विष्णु नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में 'रोमांस स्कैम' या 'लव स्कैम' के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। अपराधी अक्सर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं और फिर भावनात्मक संकट या कानूनी संकट का बहाना बनाकर धन की मांग करते हैं।

क्या आप जानते हैं?: साइबर अपराधी अक्सर ऐसे ऐप्स का उपयोग करते हैं जहाँ प्रोफाइल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बहुत कमजोर होती है।

Frequently Asked Questions

1. अगर मेरे साथ ऐसी ठगी हो जाए तो क्या करें?
तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

2. क्या डेटिंग ऐप्स पूरी तरह असुरक्षित हैं?
नहीं, लेकिन सावधानी और प्रोफाइल की सत्यता की जांच करना अत्यंत आवश्यक है।