मदुरै सिटी पुलिस ने अमेरिकन कॉलेज के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है और तीन अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से ₹15.75 लाख ठगे थे।

  • अमेरिकन कॉलेज की 40 वर्षीय कर्मचारी वी. कलैसेलवी को भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया गया है।
  • पीड़ित से अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर की नौकरी के बदले ₹45 लाख मांगे गए थे, जिनमें से ₹15.75 लाख लिए गए।
  • एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल और एक अतिथि व्याख्याता सहित तीन अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया है।

मदुरै सिटी पुलिस ने शैक्षणिक भर्ती धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठित अमेरिकन कॉलेज के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान वी. कलैसेलवी के रूप में हुई है, जिसे गुरुवार को एक सोची-समझी साजिश के तहत नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में पकड़ा गया।

यह मामला तब सामने आया जब करैकुडी निवासी एम. सोमन ने एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, धोखाधड़ी तब शुरू हुई जब सोमन ने असिस्टेंट प्रोफेसर की रिक्ति के विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी। इसके बाद उनकी मुलाकात डेनियल नामक एक अतिथि व्याख्याता से हुई, जिसने उन्हें कलैसेलवी और उसके पति विजयकुमार (कॉलेज का अस्थायी कर्मचारी) से मिलवाया।

आरोपियों ने दावा किया कि वे पूर्व प्रिंसिपल के करीबी रिश्तेदार हैं और उनका कॉलेज प्रशासन में काफी प्रभाव है। उन्होंने सोमन की बेटी को अंग्रेजी विभाग में लेक्चरर बनाने के बदले ₹45 लाख की भारी मांग की। इन दावों पर विश्वास करते हुए, सोमन ने किस्तों में ₹15.75 लाख का भुगतान कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि नौकरी का वादा केवल एक झूठ था।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह घटना शैक्षणिक भर्ती प्रक्रियाओं में मौजूद गंभीर खामियों को उजागर करती है, जहां नौकरी चाहने वालों की मजबूरी का फायदा उठाकर 'सिफारिश' और 'रिश्वत' का खेल खेला जाता है। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल एम. धवनमणि क्रिस्टोफर की संलिप्तता यह संकेत देती है कि भ्रष्टाचार संस्थान की प्रशासनिक परतों में गहराई तक फैला हुआ था।

इस तरह की शैक्षणिक धोखाधड़ी न केवल पैसा चुराती है, बल्कि शिक्षण संस्थानों की पवित्रता को नष्ट करती है और योग्य उम्मीदवारों का मनोबल तोड़ती है।।

यह कोई पहली घटना नहीं है। मदुरै सिटी पुलिस ने बताया कि अमेरिकन कॉलेज से संबंधित नौकरी घोटाले का यह दूसरा मामला है। इससे पहले अन्ना नगर पुलिस ने पूर्व प्रिंसिपल सहित कई लोगों के खिलाफ इसी तरह का मामला दर्ज किया था, जो कॉलेज के भीतर भ्रष्टाचार के एक पैटर्न को दर्शाता है।

क्या आप जानते हैं?: मदुरै का अमेरिकन कॉलेज दक्षिण भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, जिससे भ्रष्टाचार के ये आरोप इसकी ऐतिहासिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुँचाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इस नौकरी घोटाले में मुख्य आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपी वी. कलैसेलवी है, साथ ही उसके पति विजयकुमार, डेनियल (अतिथि व्याख्याता) और एम. धवनमणि क्रिस्टोफर (सेवानिवृत्त प्रिंसिपल) को भी आरोपी बनाया गया है।

प्रश्न 2: इस धोखाधड़ी में कितनी राशि शामिल थी?
आरोपियों ने ₹45 लाख की मांग की थी, जिसमें से पीड़ित ने ₹15.75 लाख का भुगतान कर दिया था।