केंद्र सरकार द्वारा समग्र शिक्षा कोष रोके जाने के कारण केरल के हजारों दिव्यांग बच्चों को चिकित्सा, थेरेपी और परिवहन सुविधाओं के अभाव में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

  • केंद्र सरकार द्वारा 2023-24 से समग्र शिक्षा फंड रोके जाने के कारण केरल में संकट।
  • ₹116 करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान नहीं होने से विशेष शिक्षा और थेरेपी प्रभावित।
  • दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक उपकरण, यात्रा भत्ता और चिकित्सा सहायता में भारी कमी।

केरल में शिक्षा और समावेशी विकास के लिए समर्पित समग्र शिक्षा योजना (SSK) के फंड में कटौती ने राज्य के सबसे कमजोर वर्ग—दिव्यांग बच्चों—के जीवन को अंधकार में डाल दिया है। केंद्र सरकार द्वारा 2023-24 वित्तीय वर्ष से फंड रोके जाने के कारण, राज्य के हजारों बच्चे अपनी आवश्यक थेरेपी, विशेष शिक्षा और सहायक उपकरणों से वंचित हो रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान समावेशी शिक्षा के लिए केंद्र और राज्य के साझा हिस्से सहित ₹116 करोड़ से अधिक की राशि जारी नहीं की गई। इस वित्तीय संकट का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है जो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

क्यों यह मामला गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल बजटीय मामला नहीं है, बल्कि एक मानवीय संकट है। जब फंड रुकता है, तो केवल कागजी आंकड़े नहीं बदलते, बल्कि बच्चों के विकास की गति थम जाती है। विशेष रूप से ऑटिज्म और ADHD जैसी स्थितियों वाले बच्चों के लिए 'अर्ली इंटरवेंशन' (प्रारंभिक हस्तक्षेप) अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। फंड की कमी के कारण थेरेपी सत्रों में व्यवधान आ रहा है, जिससे बच्चों की दैनिक कार्यक्षमता और भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

फंड की अनुपलब्धता के कारण बच्चों के विकास में आने वाला ठहराव उनके जीवन भर के लिए स्थायी क्षति का कारण बन सकता है।

वित्तीय संकट का असर केवल थेरेपी तक सीमित नहीं है। सहायक उपकरणों जैसे व्हीलचेयर, सुनने की मशीन और क्रच (बैसाखी) के वितरण पर भी गहरा प्रहार हुआ है। कई बच्चे, जिन्हें चिकित्सा शिविरों में उपकरण दिए जाने थे, अब पुराने और खराब हो चुके उपकरणों के भरोसे रहने को मजबूर हैं।

प्रभाव का तुलनात्मक विवरण

सुविधाफंड मिलने पर स्थितिफंड रुकने के बाद की स्थिति
थेरेपी और चिकित्सानियमित और सुलभअनियमित और आर्थिक बोझ
यात्रा भत्तास्कूल/केंद्र तक पहुँच आसानपरिवारों पर भारी वित्तीय बोझ
सहायक उपकरणसमय पर वितरणउपकरणों की कमी और रखरखाव का अभाव

केरल के कई परिवारों के लिए, जैसे कि 14 वर्षीय कृषணன் की माँ तकनमाणी के लिए, अब स्कूल जाने के लिए ऑटो का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि पहले मिलने वाला यात्रा भत्ता अब बंद हो चुका है। इसी तरह, लोकोमोटर विकलांगता से जूझ रहे बच्चों के लिए स्कूल आना अब एक विलासिता बनता जा रहा है।

Did You Know?: ऑटिज्म और ADHD से पीड़ित बच्चों के लिए शुरुआती वर्षों में मिलने वाली थेरेपी उनके मस्तिष्क के विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. समग्र शिक्षा फंड का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करना है, जिसमें दिव्यांग बच्चों को विशेष शिक्षक, थेरेपी और सहायक उपकरण प्रदान करना शामिल है।

2. फंड रुकने से सबसे ज्यादा प्रभावित कौन है?
सबसे अधिक प्रभावित दिव्यांग बच्चे और उनके निम्न-आय वाले परिवार हैं, जो चिकित्सा और परिवहन के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।