पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति पी. प्रकाश बाबू ने पर्यटन पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए उद्योग और शिक्षा जगत के बीच एक मजबूत सेतु बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि वास्तविक दुनिया के अनुभवों की आवश्यकता है।
- पर्यटन शिक्षा के लिए उद्योग-अकादमिक इंटरफेस को अनिवार्य बताया गया।
- यूरोपीय संस्थानों के साथ वैश्विक मानकों को अपनाने के लिए MoU किए गए।
- SIPAS परियोजना के माध्यम से स्थिरता और तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति पी. प्रकाश बाबू ने पर्यटन क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के भविष्य को संवारने के लिए उद्योग-अकादमिक इंटरफेस (Industry-Academia Interface) की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया है। विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय सम्मेलन, जिसका विषय “ब्रिजिंग टूरिज्म एकेडेमिया एंड इंडस्ट्री: इंडियन एंड यूरोपियन पर्सपेक्टिव्स” था, के उद्घाटन सत्र के दौरान उन्होंने अपने विचार साझा किए।
कुलपति ने स्पष्ट किया कि पर्यटन एक अत्यधिक गतिशील और सेवा-उन्मुख क्षेत्र है। उनके अनुसार, इसे केवल किताबों या सैद्धांतिक व्याख्यानों के माध्यम से नहीं सिखाया जा सकता। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को प्रासंगिक और आधुनिक बदलावों के प्रति उत्तरदायी बनाए रखने के लिए उद्योग भागीदारों, टूर ऑपरेटरों, हॉस्पिटैलिटी चेन और विरासत निकायों के साथ सार्थक जुड़ाव आवश्यक है।
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में उच्च शिक्षा अब पारंपरिक डिग्री से हटकर 'कौशल-आधारित शिक्षा' की ओर बढ़ रही है। पर्यटन जैसे क्षेत्र में, जहां ग्राहक अनुभव सर्वोपरि है, विश्वविद्यालय और उद्योगों के बीच की खाई को पाटना न केवल छात्रों के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
"पर्यटन शिक्षा का भविष्य केवल क्लासरूम में नहीं, बल्कि फील्ड एक्सपोजर और वैश्विक उद्योग मानकों के एकीकरण में निहित है।"
इस दिशा में कदम उठाते हुए, कुलपति ने उन समझौता ज्ञापनों (MoU) का उल्लेख किया जो पांडिचेरी विश्वविद्यालय ने यूरोपीय संस्थानों सहित कई विदेशी संस्थाओं के साथ किए हैं। इन समझौतों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पर्यटन प्रबंधन, आतिथ्य मानकों और गंतव्य ब्रांडिंग (Destination Branding) में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से अवगत कराना है।
यह पांच दिवसीय सम्मेलन भारत और विदेशों के शिक्षाविदों और पर्यटन विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच प्रदान कर रहा है। गौरतलब है कि पांडिचेरी विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग को 2024 में स्ट्रैटेजिक इंडस्ट्री पार्टनरशिप (SIPAS) के माध्यम से “एडवांसिंग सस्टेनेबिलिटी एंड टेक्नोलॉजी इन टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी एंड सर्विस स्टडीज” परियोजना प्राप्त हुई है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: उद्योग-अकादमिक इंटरफेस का छात्रों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का अनुभव मिलेगा और उनकी रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ेगी।
प्रश्न 2: SIPAS परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य पर्यटन और आतिथ्य अध्ययन में स्थिरता (Sustainability) और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना है।