अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इस बार संगठन ने पारंपरिक राजनीति से हटकर अंतरराष्ट्रीय एथलीटों और कानूनी विशेषज्ञों को मैदान में उतारा है।
- अध्यक्ष पद के लिए अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी यश डबास मैदान में हैं।
- उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव पदों के लिए कैंपस लॉ सेंटर के कानून के छात्रों को चुना गया है।
- सचिव पद के लिए किसान परिवार से आने वाली बास्केटबॉल खिलाड़ी रिया छावड़ी को उतारा गया है।
- ABVP की रणनीति इस बार 'स्पोर्ट्स और एकेडमिक्स' के संगम पर आधारित है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव 2026-27 का बिगुल बज चुका है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने रणनीतिक पैनल की घोषणा करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार उनका ध्यान केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे बहुमुखी प्रतिभा वाले उम्मीदवारों के माध्यम से कैंपस में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं।
अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को चुना गया है, जो न केवल एक छात्र हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के टेनिस खिलाड़ी भी हैं। यश ने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया जैसी जगहों पर ITF प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वे बौद्ध अध्ययन विभाग में अध्ययनरत हैं और खेल जगत में उनकी उपलब्धियां उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती हैं।
उपाध्यक्ष पद के लिए इशु मौर्य और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह को उतारा गया है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही उम्मीदवार वर्तमान में कैंपस लॉ सेंटर में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। इशु मौर्य वाराणसी के निवासी हैं और नेतृत्व व जनसंचार में निपुण हैं, जबकि लक्ष्य राज सिंह एक अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी हैं जिन्होंने एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप में देश का मान बढ़ाया है।
सचिव पद की जिम्मेदारी रिया छावड़ी को सौंपी गई है। दिल्ली के बदरपुर क्षेत्र के एक किसान परिवार से आने वाली रिया ने श्री अरविंदो कॉलेज से पढ़ाई की है और वे एक कुशल बास्केटबॉल खिलाड़ी भी हैं। उनका चयन ग्रामीण पृष्ठभूमि और महिला सशक्तिकरण के संदेश को कैंपस तक पहुँचाने की कोशिश माना जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ABVP इस बार एक 'इलीट लेकिन ग्राउंडेड' इमेज बनाने की कोशिश कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीटों और कानून के छात्रों को शामिल करके, संगठन यह संदेश देना चाहता है कि उनके उम्मीदवार न केवल कैंपस की समस्याओं को समझते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भी हैं। यह रणनीति Gen-Z छात्रों को आकर्षित करने के लिए डिजाइन की गई है जो अब केवल नारों के बजाय योग्यता (Merit) को प्राथमिकता देते हैं।
"छात्र राजनीति अब केवल विरोध प्रदर्शनों तक सीमित नहीं रही; अब यह व्यक्तित्व विकास और पेशेवर उपलब्धियों का प्रदर्शन बन गई है।"
ऐतिहासिक रूप से, DUSU चुनाव दिल्ली की राजनीति का एक छोटा रूप माने जाते हैं। यहाँ से निकले नेता अक्सर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी जगह बनाते हैं। इस बार का मुकाबला और भी दिलचस्प होगा क्योंकि NSUI जैसे प्रतिद्वंद्वियों ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। 18 सितंबर को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि छात्रों का झुकाव 'स्पोर्ट्स-कम-एकैडेमिक' कॉम्बिनेशन की ओर है या नहीं।
| पद | उम्मीदवार | मुख्य विशेषता | शिक्षा/पृष्ठभूमि |
|---|---|---|---|
| अध्यक्ष | यश डबास | अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी | बौद्ध अध्ययन विभाग |
| उपाध्यक्ष | इशु मौर्य | नेतृत्व और जनसंचार | कैंपस लॉ सेंटर |
| सचिव | रिया छावड़ी | किसान पुत्री/बास्केटबॉल | श्री अरविंदो कॉलेज |
| संयुक्त सचिव | लक्ष्य राज सिंह | अंतरराष्ट्रीय हैंडबॉल खिलाड़ी | कैंपस लॉ सेंटर |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: DUSU चुनाव 2026-27 के लिए मतदान कब होगा?
उत्तर: मतदान 18 सितंबर को होगा और नतीजे 19 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
प्रश्न 2: ABVP के पैनल में इस बार क्या खास है?
उत्तर: इस बार ABVP ने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और कानून के छात्रों को प्राथमिकता दी है, ताकि खेल और शिक्षा का संतुलन दिखाया जा सके।