IIT हैदराबाद ने एक विशेष चार सप्ताह का हाइब्रिड सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य पेशेवरों को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के लिए AI एजेंट सिस्टम विकसित करने में सक्षम बनाना है।

  • IIT हैदराबाद द्वारा कामकाजी पेशेवरों के लिए 'अप्लाइड एआई' सर्टिफिकेशन कोर्स लॉन्च।
  • यह प्रोग्राम 19 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और कैंपस) में चलेगा।
  • पाठ्यक्रम में RAG, मल्टी-एजेंट सिस्टम और AI डिप्लॉयमेंट जैसे आधुनिक विषयों पर जोर दिया गया है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद ने तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'अप्लाइड एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन प्रोग्राम' की शुरुआत की है। यह कोर्स विशेष रूप से उन कामकाजी पेशेवरों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं और वास्तविक औद्योगिक वातावरण में AI अनुप्रयोगों को तैनात (Deploy) करना सीखना चाहते हैं।

इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'लर्न, अप्लाई एंड बिल्ड' (Learn, Apply and Build) दृष्टिकोण है। पारंपरिक पाठ्यक्रमों के विपरीत, जहाँ सिद्धांत और व्यवहार अलग-अलग होते हैं, यहाँ छात्र पूरे चार हफ्तों के दौरान एक ही प्रोडक्शन-स्टाइल AI एजेंट एप्लिकेशन पर काम करेंगे। इसका मतलब है कि वे हर हफ्ते जो नया कॉन्सेप्ट सीखेंगे, उसे तुरंत अपने प्रोजेक्ट में लागू करेंगे।

पाठ्यक्रम का विस्तृत विवरण

प्रोग्राम का पाठ्यक्रम अत्यंत व्यापक है और इसमें आधुनिक AI इंजीनियरिंग प्रथाओं को शामिल किया गया है। छात्रों को Retrieval-Augmented Generation (RAG), मेमोरी मैनेजमेंट, ऑर्केस्ट्रेशन, मल्टी-एजेंट सिस्टम और ऑब्जर्वेबिलिटी जैसे जटिल विषयों की गहन शिक्षा दी जाएगी। इसके अलावा, AI सिस्टम के लिए 'गार्डरेल्स' और सुरक्षित डिप्लॉयमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

Why This Matters

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह कोर्स केवल एक अकादमिक प्रमाणन नहीं है, बल्कि उद्योग की बदलती जरूरतों का जवाब है। जैसे-जैसे कंपनियां जेनेरेटिव एआई (GenAI) को अपना रही हैं, उन्हें ऐसे इंजीनियरों की आवश्यकता है जो केवल प्रॉम्प्ट लिखना न जानते हों, बल्कि पूरे AI इकोसिस्टम को आर्किटेक्ट कर सकें। IIT हैदराबाद का यह कदम भारत में AI टैलेंट गैप को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

"एआई का भविष्य केवल मॉडल बनाने में नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक दुनिया की जटिल समस्याओं को हल करने के लिए कुशलतापूर्वक लागू करने में निहित है।"

इस कार्यक्रम का संचालन कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिष्ठित फैकल्टी सदस्यों डॉ. प्रवीण तम्मना, डॉ. आशीष मिश्रा और डॉ. अनुपम संघी द्वारा किया जाएगा। साथ ही, AI सॉल्यूशन आर्किटेक्ट एन वी एस एस कौंडिन्या भी अपना अनुभव साझा करेंगे। शनिवार को होने वाले सत्रों में छात्र अपनी सुविधा के अनुसार कैंपस में उपस्थित हो सकते हैं या ऑनलाइन जुड़ सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?: RAG (रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन) वह तकनीक है जो LLMs को बाहरी डेटा स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देती है, जिससे AI के 'हलुसिनेशन' (गलत जानकारी देना) कम हो जाते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस कोर्स की अवधि और मोड क्या है?
उत्तर: यह चार सप्ताह का प्रोग्राम है जो हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और कैंपस) में संचालित किया जाएगा।

प्रश्न 2: कोर्स पूरा करने पर क्या मिलेगा?
उत्तर: निर्धारित असाइनमेंट और मूल्यांकन पूरा करने वाले प्रतिभागियों को IIT हैदराबाद का प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।