तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में एक दुर्लभ नीलगिरी लंगूर के बच्चे का जन्म हुआ है, जो रंजननी और राजीव दंपत्ति के 12 साल बाद हुआ है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में 12 साल के लंबे अंतराल के बाद नीलगिरी लंगूर के बच्चे का सफल जन्म हुआ है।
  • माता-पिता, रंजननी (15 वर्ष) और राजीव (18 वर्ष), को 2013 में वन्यजीव तस्करों से बचाया गया था।
  • नीलगिरी लंगूर IUCN की रेड लिस्ट में 'असुरक्षित' (Vulnerable) श्रेणी में आते हैं, जिससे यह जन्म संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
  • बच्चे की देखभाल के लिए फिलहाल उसे एक विशेष 'नर्सरी' एनक्लोजर में रखा गया है।

केरल के तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर से एक बेहद सुखद और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। चिड़ियाघर प्रबंधन ने पुष्टि की है कि 14 जुलाई, 2026 को एक दुर्लभ नीलगिरी लंगूर (Nilgiri Langur) के बच्चे का जन्म हुआ है। यह घटना चिड़ियाघर के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दंपत्ति, रंजननी और राजीव, को संतान प्राप्ति के लिए पूरे 12 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा है।

प्रजनन की चुनौतियां और सफलता

नीलगिरी लंगूर, जिन्हें 'ब्लैक लीफ मंकी' भी कहा जाता है, स्वभाव से काफी शर्मीले होते हैं और प्रजनन के मामले में काफी संवेदनशील होते हैं। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक निकेश किरण के अनुसार, सफल प्रजनन के लिए नर और मादा की अनुकूलता, सही पोषण और तनावमुक्त वातावरण का होना अनिवार्य है। चिड़ियाघर के क्यूरेटर संगिता मोहन और उनकी टीम ने इस दंपत्ति को एक शांत और एकांत वातावरण प्रदान करने के लिए कड़ी मेहनत की, जिसके परिणामस्वरूप 200 दिनों के गर्भकाल के बाद इस नन्हे मेहमान का आगमन हुआ।

संरक्षण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि

चिड़ियाघर की निदेशक मंजुला देवी ने इस जन्म को एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि नीलगिरी लंगूरों को IUCN रेड लिस्ट में 'असुरक्षित' (Vulnerable) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। दुनिया भर में इनकी अनुमानित संख्या 10,000 से भी कम रह गई है। ऐसे में, चिड़ियाघर में इस प्रजाति की संख्या बढ़कर अब चार हो गई है, जो जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

भविष्य की योजनाएं

वर्तमान में, नवजात बच्चे और उसकी मां रंजननी को गहन निगरानी के लिए एक विशेष 'नर्सरी' एनक्लोजर में स्थानांतरित कर दिया गया है। चिड़ियाघर अधीक्षक टी.वी. अनिल कुमार ने बताया कि अगले एक महीने तक विशेष देखभाल के बाद, उन्हें एक खुले एनक्लोजर में लाया जाएगा ताकि आगंतुक इस नन्हे जीव को देख सकें।