कोडुमुडीयर बांध से 100 क्यूसेक्स जल को राधापुरम और नंगुनेरी तालुकों में पवन मौसम के दौरान मुक्त किया गया। यह निकासी 2,548.94 एकड़ धान खेतों को सींचेगी और अतिरिक्त बारिश से 3,231.97 एकड़ तक का विस्तार हो सकता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- कोडुमुडीयर बांध से 100 क्यूसेक्स जल जारी
- राधापुरम व नंगुनेरी में 2,548.94 एकड़ धान की खेती को लाभ
- अतिरिक्त बारिश से 3,231.97 एकड़ तक का विस्तार संभावित
कोडुमुडीयर बांध, जो वैलीयूरा क़ाल में स्थित है, ने इस गुरुवार को राधापुरम और नंगुनेरी तालुकों में पवन (कार) मौसम के दौरान धान की फ़सल हेतु जल मुक्त किया। इस कदम में नंगुनेरी के विधायक रेड्डियारपट्टी वी. नारायणन और राधापुरम के विधायक एस.के. क्रिस्टोफ़र सहित चेहरामहादेवी के उप-कलेक्टर आयुश गुप्ता ने भाग लिया।
पृष्ठभूमि
तमिलनाडु के दक्षिणी भाग में स्थित कोडुमुडीयर बांध, वर्षा जल संचयन एवं सिंचाई के प्रमुख स्रोतों में से एक है। पिछले कई वर्षों में इस क्षेत्र में जल अभाव ने कृषि उत्पादन को प्रभावित किया था, जिससे स्थानीय प्रशासन ने जल संरक्षण एवं समय पर मुक्त करने की रणनीति अपनाई।
जल निकासी का विवरण
बांध से 100 क्यूसेक्स (लगभग 2,830 क्यूबिक मीटर प्रति मिनट) जल को वैलीयूरा क़ाल, पडालायार क़ाल और अथु क़ाल चैनलों के माध्यम से राधापुरम व नंगुनेरी तालुकों में प्रवाहित किया गया। यह जल 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, जिससे कुल 2,548.94 एकड़ धान के खेतों को सींचा जाएगा। यदि जलधारा के जलस्रोत में अतिरिक्त वर्षा के कारण जल की मात्रा बढ़ती है, तो वडामालियान चैनल के माध्यम से अतिरिक्त 3,231.97 एकड़ तक के क्षेत्र को भी लाभ पहुँचाने की सम्भावना है।
प्रभावित क्षेत्र
राधापुरम और नंगुनेरी दोनों तालुके मुख्यतः धान की खेती पर निर्भर हैं। इस जल निकासी से न केवल फसल की उपज में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि किसान की आय में भी सुधार होगा। स्थानीय स्वयंसेवक एवं कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि सतत जल प्रबंधन से जल की कमी को कम किया जा सकता है और फसल के लिए आवश्यक जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
भविष्य की योजना
सरकार ने इस वर्ष के अंत तक जल निकासी की निगरानी को सुदृढ़ करने और संभावित बाढ़ जोखिम को कम करने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए, भविष्य में अधिक बार जल रिलीज़ की योजना बनाई जा रही है, जिससे कृषि क्षेत्र को निरंतर समर्थन मिल सके।