असम में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है, जहां अब तक 100 लोगों की जान जा चुकी है। सात जिलों में लगभग 1.4 लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं।

मुख्य बातें

  • बाढ़ से अब तक 100 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • लगभग 1.4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला है।
  • धंसिरी और कुशियारा जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
  • प्रशासन द्वारा 125 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं।

असम में बाढ़ की स्थिति सोमवार को और भी भयावह हो गई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 तक पहुंच गई है। भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचा दी है, जिससे लगभग 1,37,500 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

बाढ़ का सबसे भीषण असर गोलाघाट जिले में देखा जा रहा है, जहां लगभग 70,000 लोग जलमग्न जीवन जी रहे हैं। इसके बाद शिवसागर में 40,000 और जोरहाट में 16,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। वर्तमान में 456 गांव पूरी तरह से पानी में डूबे हुए हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

क्यों यह स्थिति गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नदियों का लगातार खतरे के निशान से ऊपर बहना स्थिति को और अधिक जटिल बना रहा है। गोलाघाट में धंसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी का जलस्तर बढ़ने से नए क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसमें लगभग 11,933 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है।

नदियों के जलस्तर में निरंतर वृद्धि नए गांवों के डूबने का खतरा पैदा कर रही है, जिससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

असम हर साल मानसून के दौरान भीषण बाढ़ का सामना करता है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में आने वाली बाढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था और कृषि के लिए एक वार्षिक चुनौती बनी हुई है, जिससे बुनियादी ढांचे और खाद्य सुरक्षा पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

क्या आप जानते हैं?: असम की बाढ़ न केवल मानवीय जीवन बल्कि राज्य की जैव विविधता और वन्यजीवों के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: वर्तमान में कितने लोग राहत शिविरों में हैं?
उत्तर: प्रशासन वर्तमान में 125 राहत शिविरों के माध्यम से 49,061 लोगों की देखभाल कर रहा है।

प्रश्न 2: कौन से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
उत्तर: गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।