निलगिरी जिला कांग्रेस समिति ने जिला कलेक्टर को डैम के पानी को केवल मानव उपभोग के लिए सुरक्षित रखने और बिजली उत्पादन में उपयोग न करने का अनुरोध किया। मौसमी कमी के कारण कुंडा, कोटागिरी और कूनूर तालुकों में जल संकट तेज़ हो रहा है।
- निलगिरी में जल संकट तेज़
- डैम के पानी को बिजली उत्पादन में नहीं, पीने के लिए बचाया जाना चाहिए
- उधगामंदलम, कुंडा, कोटागिरी, कूनूर को सूखा‑ग्रस्त तालुके घोषित करने की मांग
निलगिरी जिला कांग्रेस समिति ने जिला कलेक्टर को एक औपचारिक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने डैम के शेष जल को केवल मानव उपयोग के लिये सुरक्षित रखने की अपील की। यह अनुरोध जल संकट के बढ़ते प्रभावों के मद्देनज़र किया गया है।
पृष्ठभूमि
2024 और 2025 में एमेरेड डैम तथा द्वितीय डैम को पूरी तरह खोलने के बाद, दोनों जल‑संकुलों की जलधारा तेजी से घट गई। खराब मानसून ने इस क्षेत्र में जल आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया, जिससे कुंडा, कोटागिरी और कूनूर तालुकों के लोगों को पीने के पानी की तीव्र कमी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान स्थिति
डैमों से उत्पन्न बिजली उत्पादन के लिए उपयोग किए जाने वाले जल को अब वेलिंगटन कैंटनमेंट में पीने के पानी की जरूरत को पूरा करने के लिये प्रयोग किया जा रहा है। कांग्रेस समिति का कहना है कि यह अस्थायी उपाय है और इस अवधि में जल को गैर‑आवश्यक उपयोगों से बचाना चाहिए।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that prolonged water scarcity in the Nilgiris could trigger agricultural losses, affect tourism, and increase migration to urban centers, thereby straining regional economies.
"डैम के जल को प्राथमिकता के अनुसार केवल पीने के लिये उपयोग करना, इस क्षेत्र की सामाजिक स्थिरता के लिये अनिवार्य है," जल विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने कहा।
आवश्यक कदम
समिति ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि वे राज्य सरकार को प्रतिनिधित्व करके उधगामंदलम, कुंडा, कोटागिरी और कूनूर को “सूखा‑ग्रस्त तालुके” घोषित करें, जिससे विशेष राहत उपाय लागू किए जा सकें।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या डैम का जल पूरी तरह बंद किया जा सकता है?
उत्तर: वर्तमान में, जल को पूरी तरह बंद करने के बजाय, उसका उपयोग प्राथमिक रूप से पीने के लिए पुनः आवंटित किया जाएगा, जबकि बिजली उत्पादन को अन्य स्रोतों से पूरा किया जाएगा।
प्रश्न 2: सूखा‑ग्रस्त तालुके की घोषणा से कौन‑सी राहत मिल सकती है?
उत्तर: इस घोषणा से केंद्र एवं राज्य स्तर पर विशेष जल आपूर्ति, कृषि समर्थन और वित्तीय सहायता के लिए पात्रता प्रदान की जाएगी।