आंध्र प्रदेश के पापीकोंडा नेशनल पार्क में शिकारियों द्वारा बिछाए गए जाल में फंसी 750 किलोग्राम वजनी मादा भारतीय गौर को वन अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है। फिलहाल उसका विशाखापत्तनम में उपचार किया जा रहा है।

  • पापीकोंडा नेशनल पार्क के इको-सेंसिटिव जोन में शिकारियों ने जाल बिछाया था।
  • 750 किलोग्राम वजनी मादा भारतीय गौर को सुरक्षित बचाया गया।
  • पशु का इलाज विशाखापत्तनम स्थित एनिमल रेस्क्यू सेंटर में चल रहा है।

आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में स्थित पापीकोंडा नेशनल पार्क (PNP) के इको-सेंसिटिव जोन से एक राहत भरी खबर सामने आई है। वन विभाग के अधिकारियों ने शिकारियों द्वारा बिछाए गए लोहे के तार वाले जाल (स्नेयर) में फंसी एक 750 किलोग्राम वजनी मादा भारतीय गौर (Bos gaurus) को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया है।

यह घटना 10 सितंबर की है, जब रामचोड़वरम वन मंडल के इंदुकुरु रिजर्व फॉरेस्ट में गश्त कर रहे वन अधिकारियों की टीम ने इस विशालकाय जीव को संकट में पाया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस बचाव अभियान का नेतृत्व रामचोड़वरम के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) शिवकुमार गंगाल ने किया, जिसमें अनुभवी वन कर्मियों और पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम शामिल थी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इको-सेंसिटिव जोन में शिकारियों की बढ़ती सक्रियता वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर खतरा है। पापीकोंडा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इस तरह के अवैध जाल न केवल एक जानवर की जान लेते हैं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

वन अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया ने इस विशालकाय जीव को एक संभावित मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया है।

रेस्क्यू के बाद, घायल गौर को प्राथमिक उपचार देने के बाद विशाखापत्तनम स्थित एनिमल रेस्क्यू सेंटर (ARC) भेज दिया गया है। डीएफओ शिवकुमार गंगाल ने पुष्टि की है कि पशु को उन्नत पशु चिकित्सा देखभाल, पुनर्वास और चोटों से तेजी से उबरने के लिए विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है।

ऐतिहासिक रूप से, गोदावरी घाटी में स्थित पापीकोंडा पहाड़ी श्रृंखला को पहले 'बाइसन हिल्स' के नाम से जाना जाता था, जो भारतीय गौर के पनपने के लिए एक आदर्श प्राकृतिक आवास रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में गश्त बढ़ाना और शिकारियों पर नकेल कसना अत्यंत आवश्यक है।

Did You Know?: भारतीय गौर दुनिया के सबसे बड़े जंगली आर्टियोडेक्टाइल (खुर वाले जानवर) हैं, जिनका वजन 1000 किलोग्राम तक हो सकता है।

Frequently Asked Questions

1. गौर को कहाँ रेस्क्यू किया गया था?
गौर को आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में पापीकोंडा नेशनल पार्क के इंदुकुरु रिजर्व फॉरेस्ट से रेस्क्यू किया गया था।

2. गौर की वर्तमान स्थिति क्या है?
गौर वर्तमान में विशाखापत्तनम के एनिमल रेस्क्यू सेंटर में है और उपचार के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रही है।