बेंगलुरु एनालिटिक्स एंड रिसर्च लैब (BARL) में वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री रामलिंगरeddy की अचानक की गई जांच में कर्मचारियों की कमी, लागत में हेराफेरी और लाइसेंस नवीनीकरण न होने जैसी गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। मंत्रालय ने पूरी जांच का आदेश दिया है।
- बार्ल में केवल एक विश्लेषक कार्यरत मिला
- नमूना विश्लेषण लागत सरकारी मानकों से 80% कम
- लैब ने 2025 में समाप्त लाइसेंस को नवीनीकृत नहीं किया
जांच का विवरण
बेंगलुरु एनालिटिक्स एंड रिसर्च लैब प्राइवेट लिमिटेड (BARL) में शनिवार को वन, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी मंत्री रामलिंगरeddy ने कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (KSPCB) के अधिकारियों के साथ आश्चर्यजनक निरीक्षण किया। यह प्रयोगशाला जल, ध्वनि और वायु प्रदूषण के नमूने एकत्रित व विश्लेषण करती है और राज्य में लगभग 50 समान इकाइयों में से एक है।
मुख्य अनियमितताएँ
जांच के दौरान पता चला कि नियामक मानकों के अनुसार तीन विश्लेषकों की आवश्यकता थी, परन्तु केवल एक ही कार्यरत था और दो अन्य विश्लेषक पाँच महीने से अनुपस्थित थे। साथ ही, प्रयोगशाला ने जल नमूना विश्लेषण के लिये ₹5,000 और वायु नमूना विश्लेषण के लिये ₹13,000 की सरकारी दरों को अनदेखा कर केवल ₹1,000 और ₹650 चार्ज किए।
| सेवा | सरकारी मानक लागत (₹) | बार्ल लागत (₹) |
|---|---|---|
| जल नमूना विश्लेषण | 5,000 | 1,000 |
| वायु नमूना विश्लेषण | 13,000 | 650 |
ध्वनि स्तर मापन में भी फील्ड डेटा और अंतिम रिपोर्ट के बीच स्पष्ट अंतर पाया गया। इसके अतिरिक्त, प्रयोगशाला ने उत्पन्न कचरे का उचित निपटान नहीं किया, बल्कि उसे खुले गड्ढे में फेंक दिया। लाइसेंस की अवधि 2025 में समाप्त हो गई थी, पर नवीनीकरण नहीं किया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such cost manipulation not only undermines public trust but also creates a competitive disadvantage for compliant laboratories, potentially leading to a broader erosion of environmental monitoring standards across Karnataka.
"प्रदूषण नियंत्रण के लिए सटीक और पारदर्शी डेटा आवश्यक है; इस तरह की अनियमितताएँ सार्वजनिक स्वास्थ्य को सीधे खतरे में डालती हैं," पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रयोगशाला की अनियमितताओं से क्या कानूनी कार्रवाई होगी? मंत्रालय ने पूरी जांच का आदेश दिया है और उल्लंघन सिद्ध होने पर लाइसेंस रद्द, जुर्माना और दंड की संभावना है।
अन्य प्रयोगशालाओं को इस जांच से क्या सीख मिलती है? सभी प्रयोगशालाओं को अपने स्टाफ, लागत संरचना और कचरा निपटान प्रणाली को नियामक मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना होगा, अन्यथा वे भी समान दण्ड का सामना कर सकते हैं।