कोयंबटूर निगम ने 11.85 टन प्लास्टिक को रीसायक्लिंग सुविधा में भेजा, जहां इसे सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जाएगा। यह कदम तमिलनाडु के एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लागू करने के साथ मेल खाता है।
- 11.85 टन प्लास्टिक को रीसायक्लिंग सुविधा में भेजा गया
- प्लास्टिक को सड़क निर्माण में पुनः उपयोग के लिए पिसा जाएगा
- तमिलनाडु ने 33 एकल-उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया है
कोयंबटूर निगम ने शनिवार को र.एस. पुराम में रखे 11.85 टन प्लास्टिक को ओन्डिपुडूर के मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) में भेजा। यह प्लास्टिक, जो कि कॉर्पोरेशन की नियमित निरीक्षणों के दौरान जप्त किया गया था, अब सड़क निर्माण के लिए पुनर्चक्रित किया जाएगा।
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने 33 एकल-उपयोग प्लास्टिक आइटम, जिनमें प्लास्टिक बैग, कप, स्ट्रॉ और चम्मच शामिल हैं, पर प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध शहर के 100 वार्ड्स में फ़ील्ड निरीक्षण और जागरूकता अभियान के साथ लागू किया जा रहा है।
एमआरएफ में भेजे गए प्लास्टिक को पिसकर सड़क निर्माण और अन्य उपयोगों के लिए तैयार किया जाएगा। यह कदम न केवल कचरे को घटाता है, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा देता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह पहल कोयंबटूर के लिए एक मॉडल बन सकती है, जहां प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण में परिवर्तित कर स्थानीय विकास को तेज किया जा सकता है।
"प्लास्टिक को सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने से न केवल कचरा घटता है, बल्कि निर्माण लागत भी कम होती है," कहते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या यह परियोजना पूरी तरह से सरकारी पहल है?
A1: हाँ, यह कोयंबटूर निगम और तमिलनाडु सरकार की संयुक्त पहल है।
Q2: क्या इस पुनर्चक्रण से सड़क की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा?
A2: नहीं, पुनर्चक्रित प्लास्टिक को विशेष प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है ताकि सड़क की टिकाऊपन बनी रहे।