तेलंगाना स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी निरीक्षण के दौरान 50 निजी फर्टिलिटी केंद्रों को नियमों का उल्लंघन करते पाया है। इस कार्रवाई में दो केंद्रों का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है और नौ अन्य को निलंबित किया गया है।
- 379 केंद्रों के निरीक्षण में 50 निजी फर्टिलिटी सेंटर नियमों के उल्लंघन के दोषी पाए गए।
- दो केंद्रों का पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द और नौ केंद्रों का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित।
- अवैध स्टाफ बदलाव, रिकॉर्ड की कमी और गलत पतों से संचालन मुख्य अनियमितताएं मिलीं।
- स्वास्थ्य मंत्री ने दवाओं की MRP और निर्माताओं की जांच के सख्त निर्देश दिए।
तेलंगाना के स्वास्थ्य अधिकारियों ने राज्य में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) और सरोगेसी कानूनों के अनुपालन की जांच के लिए एक व्यापक अभियान चलाया। इस निरीक्षण के दौरान 379 केंद्रों की जांच की गई, जिसमें से 50 निजी फर्टिलिटी केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो केंद्रों का पंजीकरण रद्द कर दिया है और नौ अन्य के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने हैदराबाद स्थित सचिवालय में सरकारी और निजी IVF केंद्रों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि केंद्रों पर तैनात स्टाफ की योग्यता, पंजीकरण की वैधता और शिकायत निवारण प्रणालियों की जमीनी हकीकत की जांच करें।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, फर्टिलिटी और सरोगेसी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह मरीजों के स्वास्थ्य और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। पिछले कुछ समय में हैदराबाद में बेबी सेलिंग रैकेट और अवैध सरोगेसी के मामलों ने सरकार को डिजिटल ट्रेल बनाने और सख्त निगरानी रखने पर मजबूर किया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकार अब इस क्षेत्र में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है।
"प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है, क्योंकि यहाँ मानवीय भावनाओं और कानूनी अधिकारों का संवेदनशील संगम होता है।"
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त संगीता सत्यनारायण ने स्पष्ट किया कि जिन केंद्रों में विचलन पाया गया है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। मंत्री ने विशेष रूप से उन दवाओं और इंजेक्शनों की जांच करने को कहा है जो इन केंद्रों में उपयोग किए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों से MRP से अधिक वसूली न की जाए और केवल प्रमाणित दवाओं का ही उपयोग हो।
तेलंगाना में वर्तमान में कुल 477 पंजीकृत ART और सरोगेसी केंद्र हैं। इनमें 129 लेवल-1 केंद्र, 226 लेवल-2 केंद्र, 59 ART बैंक और 63 सरोगेसी क्लीनिक शामिल हैं। सरकार अब सरकारी अस्पतालों जैसे गांधी अस्पताल और आधुनिक सरकारी प्रसूति अस्पताल (MGMH) में IVF सेवाओं को और मजबूत करने और इन्हें जिला स्तर तक ले जाने की योजना बना रही है।
| श्रेणी | संख्या (तेलंगाना) |
|---|---|
| ART लेवल-1 केंद्र | 129 |
| ART लेवल-2 केंद्र | 226 |
| ART बैंक | 59 |
| सरोगेसी क्लीनिक | 63 |
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य मंत्री ने PCPNDT अधिनियम के कार्यान्वयन की भी समीक्षा की। अप्रैल से जुलाई के बीच 2,600 निरीक्षण किए गए, जिनमें 52 केंद्रों में उल्लंघन पाया गया और 37 केंद्रों को नोटिस जारी किए गए।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: फर्टिलिटी केंद्रों में मुख्य रूप से किस तरह के उल्लंघन पाए गए?
उत्तर: मुख्य उल्लंघनों में अनाधिकृत स्टाफ परिवर्तन, रिकॉर्ड का खराब रखरखाव, पंजीकरण प्रमाण पत्र का प्रदर्शन न करना और पंजीकृत पते के बजाय किसी अन्य स्थान से संचालन करना शामिल है।
प्रश्न 2: सरकारी अस्पतालों में IVF सेवाओं की क्या स्थिति है?
उत्तर: गांधी अस्पताल और MGMH ने अब तक 39,802 मरीजों को सेवाएं प्रदान की हैं, जिसमें 545 IVF केस सफलतापूर्वक शामिल हैं।