एक नए शोध में संकेत मिला है कि गर्भावस्था के दौरान एसिटामिनोफेन (पैरासिटामोल) लेने वाली माताओं की बेटियों के प्रजनन अंगों में बदलाव देखे गए हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि यह दवा अभी भी आवश्यकता पड़ने पर सबसे सुरक्षित विकल्प बनी हुई है।

  • गर्भावस्था में एसिटामिनोफेन के उपयोग से बेटियों के अंडाशय (ovaries) और गर्भाशय के आकार में कमी देखी गई।
  • अध्ययन में अंडाशय के फॉलिकल्स की संख्या में 23% तक की कमी पाई गई, जो भविष्य की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि यह शोध 'कारण और प्रभाव' (cause and effect) स्थापित नहीं करता है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
  • डॉक्टर अभी भी इसे बुखार और दर्द के लिए सबसे सुरक्षित ओवर-द-काउंटर विकल्प मानते हैं।

हाल ही में Human Reproduction Open जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने चिकित्सा जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। इस शोध में पाया गया है कि जिन लड़कियों की माताओं ने गर्भावस्था के दौरान एसिटामिनोफेन (जिसे पैरासिटामोल या टाइलेनॉल के रूप में जाना जाता है) का सेवन किया था, उनके प्रजनन अंगों के विकास में कुछ असामान्य बदलाव देखे गए।

डेनमार्क के Rigshospitalet के शोधकर्ता डॉ. मार्गिट बिस्ट्रुप फिशर के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में 685 महिलाओं और उनकी बेटियों का विश्लेषण किया गया। परिणामों से पता चला कि जिन लड़कियों को गर्भ में इस दवा का प्रभाव मिला, उनके अंडाशय का आयतन औसतन 40% छोटा और गर्भाशय का आयतन 13% छोटा था। इसके अलावा, उनमें अंडाशय के फॉलिकल्स (जिनमें अपरिपक्व अंडे होते हैं) की संख्या 23% कम पाई गई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि यह अध्ययन प्रजनन स्वास्थ्य के प्रति एक नई चेतना पैदा करता है। चूंकि महिलाएं अपने जीवन भर के अंडों के साथ पैदा होती हैं, इसलिए फॉलिकल्स की कमी का सीधा अर्थ है कि भविष्य में गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है या समय से पहले मेनोपॉज (early menopause) की समस्या आ सकती है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह अध्ययन केवल एक समय का स्नैपशॉट है और यह साबित नहीं करता कि दवा ही एकमात्र कारण थी।

"यह निष्कर्ष वर्तमान नैदानिक सिफारिशों को बदलने का संकेत नहीं देते हैं; एसिटामिनोफेन अभी भी गर्भावस्था के दौरान संकेतित होने पर उपयोग किए जाने वाले एकमात्र सुरक्षित दवाओं में से एक है।" - अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट (ACOG)

ऐतिहासिक रूप से, एसिटामिनोफेन को गर्भावस्था में दर्द और बुखार के लिए स्वर्ण मानक माना गया है क्योंकि एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसे विकल्प गर्भपात (miscarriage) का गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। उपचार न किया गया बुखार भी भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है और जन्म दोषों का कारण बन सकता है।

दवा का नाम गर्भावस्था में सुरक्षा स्तर संभावित जोखिम
एसिटामिनोफेन उच्च (सीमित उपयोग में) प्रजनन अंगों में संभावित सूक्ष्म परिवर्तन
इबुप्रोफेन/एस्पिरिन निम्न / असुरक्षित गर्भपात और भ्रूण संबंधी गंभीर जटिलताएं

शोधकर्ताओं ने कोपेनहेगन मदर-चाइल्ड कोहोर्ट के 1,210 लड़कियों के डेटा का भी विश्लेषण किया, जिससे पता चला कि गर्भावस्था के तीसरे तिमाही में दवा का सेवन किशोरावस्था में छोटे अंडाशय और यौवन के दौरान छोटे गर्भाशय से जुड़ा था।

क्या आप जानते हैं?: लड़कियां अपने जीवन भर के सभी अंडों के साथ पैदा होती हैं; शरीर बाद में नए अंडे नहीं बना सकता, इसलिए जन्म के समय अंडाशय का स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या मुझे अपनी गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेना बंद कर देना चाहिए?
उत्तर: नहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें। उपचार न किया गया बुखार भ्रूण के लिए अधिक हानिकारक हो सकता है।

प्रश्न 2: क्या इस दवा से ऑटिज्म का खतरा है?
उत्तर: हालांकि कुछ राजनीतिक दावों और एफडीए लेबल परिवर्तनों ने इस पर चर्चा की है, लेकिन दशकों के साक्ष्य बताते हैं कि इसके और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के बीच कोई सीधा कारण-प्रभाव संबंध स्थापित नहीं हुआ है।