हेब्रोन के पास बेत उम्मर में फिलिस्तीनी किसान इजरायली बसاءवादियों के हमलों, पशु चोरी और सैन्य प्रतिबंधों का सामना करते हुए अपनी फसलों और आजीविका की रक्षा के लिए जूझ रहे हैं।
- बेत उम्मर के किसान बसاءवादियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाने और पशुओं की चोरी के निरंतर हमलों का सामना कर रहे हैं।
- इजरायली सेना द्वारा लागू किए गए कड़े प्रतिबंधों और परमिट प्रणाली ने किसानों की अपनी ही जमीन तक पहुँच को बाधित कर दिया है।
- 2026 की पहली छमाही में पश्चिम बैंक में हमलों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है, जिससे कृषि अर्थव्यवस्था खतरे में है।
पश्चिम बैंक के हेब्रोन क्षेत्र में स्थित बेत उम्मर की पहाड़ियों के बीच एक मूक लेकिन भीषण युद्ध चल रहा है। यहाँ के फिलिस्तीनी किसान केवल मौसम से नहीं, बल्कि इजरायली बसاءवादियों (settlers) के निरंतर हमलों और सैन्य प्रतिबंधों से भी लड़ रहे हैं। 56 वर्षीय किसान थीबा अल-सबा अपनी अंगूर की बेलों की रक्षा के लिए दिन-रात पहरा देती हैं, जो कभी उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत हुआ करती थीं।
भूमि और आजीविका पर हमला
बसاءवादियों ने कृषि को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। किसान अनवर सबरनेह के अनुसार, बसاءवादी जानबूझकर अपने पशुओं को फिलिस्तीनी खेतों में छोड़ देते हैं, जिससे तैयार फसलें रौंद दी जाती हैं और भारी नुकसान होता है। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी जमीन छोड़ने पर मजबूर करने की एक सोची-समझी रणनीति है। सबरनेह के दो भाइयों को इन हमलों के कारण अपना घर और जमीन छोड़नी पड़ी है।
"इस जमीन ने मुझे धैर्य सिखाया है, और अपने अधिकार से चिपके रहना सिखाया है। मैं इसे कभी नहीं छोड़ूँगी क्योंकि इसमें मेरे और मेरे बच्चों के पसीने की महक है।" - थीबा अल-सबा
सैन्य मिलीभगत और प्रतिबंध
रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इजरायली सेना की भूमिका अक्सर बसاءवादियों के प्रति रक्षात्मक रही है। किसानों को अपनी ही जमीन पर काम करने के लिए सैन्य परमिट की आवश्यकता होती है, जो अक्सर अस्वीकार कर दिए जाते हैं। BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सैन्य गेटों और बाईपास सड़कों के निर्माण ने फिलिस्तीनी समुदायों के बीच संपर्क को तोड़ दिया है, जिससे उनके बागानों तक पहुँचना लगभग असंभव हो गया है।
ऐतिहासिक संदर्भ और वर्तमान संकट
पश्चिम बैंक में औपनिवेशिक विस्तारवाद का इतिहास दशकों पुराना है। कॉलोनाइजेशन एंड वॉल रेजिस्टेंस कमीशन के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में पश्चिम बैंक में कुल 11,074 हमले दर्ज किए गए, जिनमें से 3,488 हमले सीधे बसاءवादियों द्वारा किए गए थे। इस निरंतर दबाव के कारण, कई किसान चार वर्षों से अपनी जैतून और अंगूर की फसलों की कटाई नहीं कर पाए हैं।
Why This Matters
यह संघर्ष केवल कृषि के बारे में नहीं है, बल्कि यह पहचान और अस्तित्व की लड़ाई है। यदि फिलिस्तीनी किसान अपनी भूमि से बेदखल हो जाते हैं, तो यह पूरे क्षेत्र के जनसांख्यिकीय और आर्थिक ढांचे को स्थायी रूप से बदल देगा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: बसاءवादी किसानों को कैसे नुकसान पहुँचा रहे हैं?
उत्तर: वे फसलों को रौंदने के लिए अपने पशुओं को खेतों में छोड़ देते हैं और पशुओं की चोरी करते हैं।
प्रश्न 2: इजरायली सेना की क्या भूमिका है?
उत्तर: सेना किसानों को उनकी ही जमीन पर काम करने के लिए परमिट की मांग करती है और अक्सर बसاءवादियों की गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं रखती।