एक 22 वर्षीय सिंगापुर नागरिक ने सोशल इंजीनियरिंग के जरिए 245 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन चुराने के आरोप में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस गिरोह ने चोरी के पैसों को निजी जेट और लग्जरी कारों पर उड़ाया।

  • 22 वर्षीय मेलोन लैम ने 245 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी के RICO षड्यंत्र में अपना दोष स्वीकार किया।
  • स्कैमर्स ने खुद को गूगल और जेमिनी (Gemini) प्रतिनिधि बताकर निवेशक को ठगा।
  • चोरी की राशि से 2 मिलियन डॉलर की घड़ी और 30 से अधिक लग्जरी कारें खरीदी गईं।

अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी चोरियों में से एक के मामले में, सिंगापुर के 22 वर्षीय मेलोन लैम ने संघीय आरोपों के तहत अपना दोष स्वीकार कर लिया है। लैम एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का मास्टरमाइंड था, जिसने सोशल इंजीनियरिंग का उपयोग करके वाशिंगटन डीसी के एक निवेशक से 245 मिलियन डॉलर से अधिक के बिटकॉइन चुराए।

अगस्त 2024 में हुई इस चोरी में स्कैमर्स ने बेहद चालाकी से काम लिया। उन्होंने पीड़ित को फोन किया और खुद को गूगल (Google) और जेमिनी (Gemini) क्रिप्टो एक्सचेंज का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने पीड़ित को विश्वास दिलाकर उसके गूगल ड्राइव का एक्सेस और सुरक्षा कोड हासिल कर लिए, जिससे लैम और उसके साथियों, वीर चेटल और जीनडिएल सेरानो को 4,100 से अधिक बिटकॉइन चुराने का मौका मिल गया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला साइबर अपराध में एक खतरनाक बदलाव को दर्शाता है। अब हमलावर केवल तकनीकी हैकर्स नहीं हैं, बल्कि मनोवैज्ञानिक हेरफेर (Psychological Manipulation) के विशेषज्ञ हैं। एक 22 साल के युवक द्वारा इतनी बड़ी राशि की चोरी यह बताती है कि डिजिटल संपत्तियों का प्रबंधन कितना जोखिम भरा हो सकता है।

चोरी के बाद इस गिरोह ने विलासिता की सारी हदें पार कर दीं। लैम ने लॉस एंजिल्स के एक नाइटक्लब में एक ही रात में 569,000 डॉलर खर्च कर दिए। इस समूह ने पोर्श, लेम्बोर्गिनी और फेरारी जैसी 30 से अधिक लग्जरी कारें और 2 मिलियन डॉलर की एक घड़ी खरीदी। यहाँ तक कि आरोपी वीर चेटल ने अपने माता-पिता की वॉशिंग मशीन के अंदर 500,000 डॉलर नकद छिपाकर रखे थे।

सोशल इंजीनियरिंग और क्रिप्टोकरेंसी का मेल चोरी के लिए एक 'परफेक्ट स्टॉर्म' बनाता है, क्योंकि ब्लॉकचेन लेनदेन अपरिवर्तनीय होते हैं, जिससे एक बार चाबियाँ चोरी होने पर रिकवरी लगभग असंभव हो जाती है।

इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब जीनडिएल सेरानो ने 30 मिलियन डॉलर के खाते को बनाते समय अपना IP एड्रेस छिपाने में गलती कर दी। इससे FBI उन्हें कैलिफोर्निया के एनसिनो में एक किराए के घर तक ले गई, जिसका मासिक किराया 47,500 डॉलर था। इसके बाद मियामी, न्यू जर्सी और लॉस एंजिल्स में छापेमारी की गई।

अचानक आई इस दौलत ने अन्य अपराधियों को भी आकर्षित किया। एक नाटकीय मोड़ में, नकाबपोश हमलावरों ने कनेक्टिकट में चेटल के माता-पिता का अपहरण कर लिया ताकि वे उससे चोरी के बिटकॉइन वसूल सकें। हालांकि, पुलिस ने समय रहते हमलावरों को पकड़ लिया।

अभियुक्तभूमिकास्थिति/परिणाम
मेलोन लैममास्टरमाइंडदोष स्वीकार किया (RICO)
वीर चेटलसहयोगीदोष स्वीकार किया (सहयोग कर रहा है)
जीनडिएल सेरानोसहयोगीमामला लंबित है
क्या आप जानते हैं?: RICO एक्ट मूल रूप से माफिया गिरोहों को खत्म करने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका उपयोग जटिल साइबर अपराध सिंडिकेट्स को तोड़ने के लिए किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्कैमर्स ने बिटकॉइन तक पहुंच कैसे बनाई?
उन्होंने खुद को गूगल और जेमिनी कर्मचारी बताकर पीड़ित को झांसे में लिया और उसके गूगल ड्राइव और सुरक्षा कोड प्राप्त किए।

चोरी किए गए पैसों का क्या हुआ?
एक बड़ा हिस्सा लग्जरी कारों और घड़ियों पर खर्च किया गया, जबकि करोड़ों डॉलर FBI ने छापेमारी के दौरान बरामद किए।