BRICS के नई दिल्ली घोषणापत्र में आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराई गई है और पहलगाम हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। यह घोषणा वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का एक मजबूत संदेश देती है।

  • BRICS नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर सहमति जताई।
  • पहलगाम में हुए आतंकी हमले की संयुक्त घोषणापत्र में कड़ी निंदा की गई।
  • पश्चिम एशिया में 'अधिकतम संयम' बरतने का आह्वान किया गया।
  • फिलिस्तीन के लिए दो-राज्य समाधान (Two-State Solution) का समर्थन जारी।

नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के समापन पर जारी संयुक्त घोषणापत्र ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक अभूतपूर्व एकजुटता प्रदर्शित की है। घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सदस्य राष्ट्र आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' (शून्य सहिष्णुता) की नीति अपनाएंगे। इस ऐतिहासिक दस्तावेज में हाल ही में हुए पहलगाम हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसकी सभी सदस्य देशों ने सामूहिक रूप से निंदा की है।

यह घोषणापत्र केवल आतंकवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए सभी पक्षों से 'अधिकतम संयम' (Maximum Restraint) बरतने की अपील की है। इसके साथ ही, घोषणापत्र में फिलिस्तीन के मुद्दे पर दो-राज्य समाधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया गया है और फिलिस्तीन को मजबूत संस्थागत सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि BRICS का यह रुख वैश्विक सुरक्षा वास्तुकला में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। आतंकवाद को लेकर एक साझा मंच पर आना, विशेष रूप से पहलगाम जैसे विशिष्ट हमलों का उल्लेख करना, यह दर्शाता है कि अब विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाएं सुरक्षा मुद्दों पर अपनी स्वतंत्र और मुखर आवाज उठा रही हैं। यह वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को भी रेखांकित करता है।

आतंकवाद के खिलाफ BRICS की यह साझा आवाज वैश्विक सुरक्षा ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।

पहलगाम हमले का उल्लेख करना इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब सीमा पार आतंकवाद के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है। यह न केवल सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए भी नए रास्ते खोलेगा।

Historical Background

BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) का गठन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक संतुलन को बदलने के उद्देश्य से किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में, यह समूह केवल आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर वैश्विक सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता के मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरा है।

Did You Know?: BRICS समूह दुनिया की लगभग 42% जनसंख्या और वैश्विक जीडीपी के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

Frequently Asked Questions

1. BRICS घोषणापत्र में पहलगाम हमले के बारे में क्या कहा गया है?
घोषणापत्र में पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई है और आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति को दोहराया गया है।

2. पश्चिम एशिया पर BRICS का क्या रुख है?
BRICS नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति बनाए रखने के लिए 'अधिकतम संयम' बरतने का आह्वान किया है।