ग्वाटेमाला की एक अदालत ने उप मंत्री लुइस पाचेको और तीन अन्य आदिवासी नेताओं को आतंकवाद के आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला 2023 के उन विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा था, जो राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो के शपथ ग्रहण में बाधा डालने की कोशिशों के खिलाफ किए गए थे।

  • उप मंत्री लुइस पाचेको और तीन आदिवासी नेताओं को आतंकवाद और राजद्रोह के आरोपों से बरी किया गया।
  • यह मामला 2023 में पूर्व अटॉर्नी जनरल कंसुएलो पोरास के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित था।
  • संयुक्त राष्ट्र ने इस फैसले को अभिव्यक्ति और सभा की स्वतंत्रता की जीत बताया है।

ग्वाटेमाला की तीसरी आपराधिक अदालत के न्यायाधीश माइनोर मोटो ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए उप मंत्री लुइस पाचेको और तीन अन्य स्वदेशी नेताओं के खिलाफ आतंकवाद के आरोपों को खारिज कर दिया। अभियोजकों ने स्वयं इस मामले को वापस लेने का अनुरोध किया था, क्योंकि उनकी जांच में यह पाया गया कि अक्टूबर 2023 में आयोजित विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया गया था।

यह कानूनी जीत पूर्व अटॉर्नी जनरल कंसुएलो पोरास के कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए उन मुकदमों की विफलता को दर्शाती है, जिन्हें राजनीतिक प्रतिशोध माना जा रहा था। पोरास पर भ्रष्टाचार, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न और राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो की चुनावी जीत को कमजोर करने के प्रयास करने के आरोप थे, जिसके कारण अमेरिका, यूरोपीय संघ और कनाडा जैसी वैश्विक शक्तियों ने उन्हें प्रतिबंधित किया था।

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह फैसला केवल चार व्यक्तियों की रिहाई नहीं है, बल्कि ग्वाटेमाला में न्यायिक प्रणाली के शुद्धिकरण की शुरुआत है। यह दर्शाता है कि कैसे सत्ता का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने के लिए 'आतंकवाद' जैसे गंभीर शब्दों के माध्यम से किया जा रहा था। अब राष्ट्रपति अरेवालो के नेतृत्व में, देश उन मनमाने मुकदमों को खत्म करने की दिशा में बढ़ रहा है जिन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया था।

बरी किए गए व्यक्तियों में लुइस पाचेको शामिल हैं, जो ऊर्जा और खान मंत्रालय में सतत विकास के उप मंत्री हैं। वह पश्चिमी उच्चभूमि में माया स्वदेशी प्राधिकरण '48 कैंटोंस ऑफ टोटोनिपाकान' के प्रमुख भी रह चुके हैं। उनके साथ हेक्टर चाक्लान, बेसिलियो पुआक और एस्तेबन टॉक को भी राहत मिली है, जिन्हें राजद्रोह और न्याय में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा था।

यह निर्णय ग्वाटेमाला में स्वदेशी समुदायों के संगठित होने के अधिकार और लोकतांत्रिक विरोध की वैधता को पुनः स्थापित करता है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सभा के अधिकार की पुष्टि करता है। संगठन ने पहले भी ग्वाटेमाला में आदिवासी नेताओं को अपराधी बनाने के एक व्यापक पैटर्न का दस्तावेजीकरण किया है। राष्ट्रपति अरेवालो ने पद संभालने के बाद ऐसे सभी मुकदमों की समीक्षा करने के लिए एक नया अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया है।

क्या आप जानते हैं?: ग्वाटेमाला के माया स्वदेशी प्राधिकरण पारंपरिक शासन प्रणालियों का पालन करते हैं, जो आधुनिक सरकारी परिषदों के समानांतर काम करती हैं और स्थानीय समुदायों में अत्यधिक प्रभावशाली होती हैं।

1. लुइस पाचेको और अन्य नेताओं पर क्या आरोप थे?
उन पर आतंकवाद, अवैध संघ, न्याय में बाधा डालना और राजद्रोह के आरोप लगाए गए थे।

2. कंसुएलो पोरास कौन थीं और उन पर क्या आरोप थे?
वह ग्वाटेमाला की पूर्व अटॉर्नी जनरल थीं, जिन पर भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित करने के आरोप थे, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए गए थे।