महाराष्ट्र सरकार ने राज्य सचिवालय और विधानमंडल में ‘कल्याण’ नामक ज्योतिषीय समय उपकरण स्थापित करने का आदेश दिया, जिसे अंधश्रद्धा निवारण समिति ने वैज्ञानिक तंत्र के विरुद्ध मानते हुए रद्द करने की मांग की है।
- राज्य सचिवालय और विधानमंडल में दो ज्योतिषीय समय उपकरण स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
- अंधश्रद्धा निवारण समिति ने इस निर्णय के विरुद्ध आपत्ति जताई और रद्दीकरण की मांग की।
- सरकार इस दो उपकरणों पर लगभग 11 लाख रुपये खर्च करेगी।
महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निवारण समिति ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार के निर्णय के खिलाफ औपचारिक याचिका दायर की, जिसमें राज्य सचिवालय (मंत्रालय) और विधानभवन में ‘कल्याण’ समय उपकरण स्थापित करने को रद्द करने की मांग की गई है।
सरकार के निर्णय के पीछे के कारण
महाराष्ट्र सरकार ने पिछले सप्ताह एक आदेश जारी कर प्रशासनिक स्वीकृति दी, जिससे ‘कल्याण’ समय उपकरणों की खरीद और दो स्थानों – मंत्रालय और विधानभवन – पर स्थापना की योजना बनी। सांस्कृतिक मामलों के विभाग ने एक उपकरण के लिए ₹5,48,700 की लागत मंजूर की, जबकि दो उपकरणों की कुल लागत लगभग ₹11 लाख होगी।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that installing astrological devices in government offices could dilute Maharashtra’s reputation as a pioneer in promoting scientific temper and eradicating superstition.
"यह उपकरण राशि चक्र, नक्षत्र और पंचांग को मानक समय के साथ मिलाता है, जिससे विज्ञान और अंधविश्वास के बीच भ्रम उत्पन्न होता है।" - डॉ. हमीद दाभोलकर
| उपकरण | लागत |
|---|---|
| कल्याण समय उपकरण | ₹5,48,700 |
Frequently Asked Questions
- सरकार ने इन ज्योतिषीय समय उपकरणों को स्थापित करने का उद्देश्य क्या है?
- अंधश्रद्धा निवारण समिति इस निर्णय के विरुद्ध क्यों खड़ी है?