महाराष्ट्र सरकार ने 1960 के दशक में प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स को आवंटित की गई चरागाह भूमि के कथित दुरुपयोग की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस मामले में औद्योगिक भूमि को प्रीमियम रियल एस्टेट में बदलने के गंभीर आरोप हैं।
- महाराष्ट्र सरकार ने 175 एकड़ भूमि के संदिग्ध हस्तांतरण की जांच के लिए 9 सदस्यीय SIT गठित की है।
- आरोप है कि 1960 के दशक में औद्योगिक उपयोग के लिए दी गई चरागाह भूमि को रियल एस्टेट में बदल दिया गया।
- जांच में लोढ़ा डेवलपर्स और अन्य निजी संस्थाओं के साथ भूमि लेनदेन की भी जांच की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐतिहासिक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स लिमिटेड (अब प्रीमियर लिमिटेड) को छह दशक पहले आवंटित की गई लगभग 175 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला उस समय का है जब महाराष्ट्र औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत था।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद, राजस्व विभाग ने कोंकण संभाज्य आयुक्त के नेतृत्व में एक नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह जांच ठाणे जिले के कल्याण तालुका में स्थित सरकारी चरागाह भूमि के कथित दुरुपयोग पर केंद्रित है।
जांच के मुख्य बिंदु
SIT को पांच प्रमुख मुद्दों पर गहराई से जांच करने का निर्देश दिया गया है: भूमि की मूल स्थिति और हस्तांतरण का तरीका; 'ऑक्यूपेंट क्लास II' से 'ऑक्यूपेंट क्लास I' में भूमि का परिवर्तन; 7/12 उताऱ्या (Record of Rights) और म्यूटेशन प्रविष्टियों की वैधता; बाद में किए गए बिक्री लेनदेन; और यदि जिम्मेदारी तय होती है तो अनुशंसित कार्रवाई।
यह जांच न केवल एक कंपनी के बारे में है, बल्कि यह दशकों पुराने भूमि आवंटन और उनके व्यावसायिक उपयोग के पैटर्न को चुनौती देती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला महाराष्ट्र के रियल एस्टेट परिदृश्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यह साबित होता है कि औद्योगिक भूमि का उपयोग अवैध रूप से आवासीय या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया गया, तो यह राज्य के भूमि रिकॉर्ड और नीतिगत निर्णयों पर बड़े सवाल खड़े करेगा।
जांच के दायरे में लोढ़ा डेवलपर्स, अनंत डेवलपर्स और जूपिटर लाइफलाइन अस्पताल जैसी संस्थाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर प्रीमियर ऑटोमोबाइल्स से भूमि के टुकड़े खरीदे थे।
Frequently Asked Questions
1. SIT का गठन क्यों किया गया है?
चरागाह भूमि को औद्योगिक उद्देश्य के लिए आवंटित किए जाने और फिर उसे रियल एस्टेट में बदलने के आरोपों की जांच के लिए।
2. जांच की रिपोर्ट कब तक आएगी?
SIT को अक्टूबर 2026 के पहले सप्ताह तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।