तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले में खरीफ सीजन की फसलों के लिए बीमा प्रीमियम जमा करने का आह्वान किया गया है। जिला कलेक्टर ने प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द पंजीकरण कराने की अपील की है।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ और बागवानी फसलों का बीमा अनिवार्य है।
  • विभिन्न फसलों जैसे मक्का, मूंग, उड़द और कपास के लिए प्रीमियम दरें निर्धारित की गई हैं।
  • प्रीमियम भुगतान की अंतिम तिथि अगस्त और सितंबर के बीच विभिन्न फसलों के लिए अलग-अलग है।
  • पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और अड़ंगल/बुवाई प्रमाण पत्र आवश्यक हैं।

तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश जारी किया गया है। जिला कलेक्टर एन. ओ. सुखपुत्रा ने जिले के किसानों से आगामी खरीफ सीजन और बागवानी फसलों के लिए तत्काल फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने की अपील की है। यह कदम किसानों को अनिश्चित मौसम और कीटों के हमले से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।

विभिन्न फसलों के लिए प्रीमियम संरचना

प्रशासन द्वारा जारी विवरण के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए बीमा का कार्यान्वयन एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से किया जा रहा है। किसानों को अपनी फसल के अनुसार अलग-अलग प्रीमियम राशि का भुगतान करना होगा। उदाहरण के तौर पर, मक्का के लिए प्रीमियम ₹466 प्रति एकड़ है, जबकि मूंग के लिए यह ₹192 प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, उड़द के लिए ₹370, कपास के लिए ₹409 और मूंगफली के लिए ₹431 प्रति एकड़ का शुल्क देना होगा।

बागवानी फसलों और महत्वपूर्ण समय सीमाएं

केवल अनाज ही नहीं, बल्कि बागवानी फसलों को भी इस सुरक्षा कवच में शामिल किया गया है। प्याज के लिए प्रीमियम ₹1,591 प्रति एकड़ और केले (Plantain) के लिए ₹3,997 प्रति एकड़ है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मूंगफली और प्याज के लिए भुगतान की अंतिम तिथि 31 अगस्त है, जबकि उड़द, ज्वार और कपास के लिए 16 सितंबर और मक्का के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। केले के लिए अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित है।

पंजीकरण प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

बीमा प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए किसानों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। पंजीकरण के समय किसानों को पंजीकरण फॉर्म, अड़ंगल/बुवाई प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति और आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है। किसान इन सेवाओं का लाभ अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) या बैंकों के माध्यम से उठा सकते हैं। भुगतान के बाद रसीद प्राप्त करना न भूलें, जो भविष्य में दावे के समय महत्वपूर्ण होगी।