बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती के टाइपिंग टेस्ट के दौरान सॉफ्टवेयर की धीमी गति और सर्वर फेल होने के कारण कई उम्मीदवार अचानक बाहर हो गए, जिसके बाद भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।
- उम्मीदवारों ने टाइपिंग टेस्ट के दौरान सर्वर फेलियर, धीमे सॉफ्टवेयर और खराब कीबोर्ड की शिकायत की।
- छत्रपति संभाजीनगर और कल्याण में अचानक लॉग-आउट होने के कारण छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
- हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ने तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट क्लर्क पदों की भर्ती प्रक्रिया उस समय विवादों में घिर गई जब टाइपिंग टेस्ट के दौरान गंभीर तकनीकी खामियां सामने आईं। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि वे परीक्षा शुरू करने के कुछ ही मिनटों के भीतर 'फेल' घोषित कर दिए गए, जिसका कारण उनकी योग्यता नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता थी।
छत्रपति संभाजीनगर में परीक्षा केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजित दिपके भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया को बताया कि छात्र दूर-दराज के इलाकों से आए थे, लेकिन खराब उपकरणों और सर्वर क्रैश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि तुरंत पुन: परीक्षा आयोजित की जाए और इस बार नए कंप्यूटर दिए जाएं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण में मौजूद गंभीर खामियों को उजागर करती है। जब एक ऐसी परीक्षा—जहां एक खंड (टाइपिंग) में फेल होने का मतलब पूरी भर्ती से बाहर होना है—को एक अक्षम एजेंसी को सौंपा जाता है, तो हजारों युवाओं का भविष्य दांव पर लग जाता है। यह न्यायपालिका के प्रशासनिक ढांचे और युवाओं के बीच विश्वास की कमी पैदा करता है।
विवाद के बाद, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार (कार्मिक) ने एक नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा कि हालांकि महाराष्ट्र भर में परीक्षा सुचारू रूप से चली, लेकिन औरंगाबाद और कल्याण के कुछ केंद्रों पर तकनीकी समस्याएं रिपोर्ट की गई हैं। कोर्ट ने आश्वासन दिया है कि एजेंसी की भूमिका की जांच की जा रही है और उम्मीदवारों को आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाएगा।
"प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी विफलता केवल एक 'ग्लिच' नहीं है, बल्कि यह उम्मीदवारों के समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन है।"
8 दिसंबर, 2025 को जारी विज्ञापन के अनुसार, मुंबई में 830, नागपुर में 166 और औरंगाबाद में 366 क्लर्क पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। लगभग 13,000 उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए पात्र थे। चयन प्रक्रिया में 90 अंकों की स्क्रीनिंग टेस्ट, 20 अंकों का टाइपिंग टेस्ट और 40 अंकों का वाइवा शामिल है। टाइपिंग टेस्ट में पास होने के लिए न्यूनतम 10 अंक अनिवार्य हैं।
| चयन चरण | अधिकतम अंक | न्यूनतम आवश्यकता |
|---|---|---|
| स्क्रीनिंग टेस्ट | 90 | कट-ऑफ के अनुसार |
| टाइपिंग टेस्ट | 20 | 10 (अनिवार्य) |
| वाइवा-वोस | 40 | मेरिट के अनुसार |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: तकनीकी खराबी से कौन से शहर सबसे अधिक प्रभावित हुए?
सबसे अधिक समस्याएं औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) और कल्याण के परीक्षा केंद्रों पर देखी गईं।
प्रश्न 2: प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों की मुख्य मांग क्या है?
उम्मीदवारों की मांग है कि पूरी तरह कार्यात्मक नए कंप्यूटरों के साथ पुन: परीक्षा आयोजित की जाए ताकि तकनीकी त्रुटियां दोबारा न हों।