ड्राविडियन डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय के परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द करने के फैसले की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छोटी राजनीतिक सोच से राज्य के विकास को कई साल पीछे धकेला जा सकता है।

  • परंदूर हवाई अड्डा प्रोजेक्ट रद्द
  • स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय की नीति को चुनौती दी
  • राज्य विकास पर संभावित सालों का नुकसान

परियोजना का पृष्ठभूमि

परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, चेन्नई‑बेंगलुरु राजमार्ग के पास स्थित, कई सालों से तमिलनाडु के बुनियादी ढाँचे के विस्तार की प्रमुख योजना रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद, डीएमके सरकार ने तीन गुना मुआवजा और पुनर्वास व्यवस्था के साथ किसानों को संतुष्ट करने के लिए बड़ी रकम खर्च की थी।

स्टालिन का प्रतिक्रिया

ड्राविडियन डेमोक्रेटिक पार्टी (डीएमके) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि "प्रोजेक्ट के लिए जरूरी मंजूरियां और शुरुआती तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, ताकि सत्ता में लौटने पर तेजी से निर्माण शुरू किया जा सके"। उन्होंने चेताया कि नई सरकार द्वारा किसी अन्य स्थान की तलाश करने से विकास की गति कई साल पीछे जा सकती है।

मुख्यमंत्री विजय का निर्णय

मुख्यमंत्री थलपति विजय ने परंदूर एयरपोर्ट को पूरी तरह छोड़ दिया और चेन्नई के दूसरे हवाई अड्डे के लिए वैकल्पिक स्थल खोजने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि "हमारी सरकार विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन स्थानीय समुदायों की कीमत पर कोई परियोजना नहीं होने दी जाएगी"।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the cancellation could set a precedent where political turnover stalls large‑scale infrastructure, potentially costing the state billions and delaying job creation for youth.

"Infrastructure projects of this magnitude cannot be treated as political bargaining chips; their delay impacts the entire regional economy," says Dr. Ananya Rao, urban development expert.
Did You Know?: परंदूर प्रोजेक्ट में लगभग 2,500 एकड़ भूमि शामिल थी, जो दक्षिण भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बन सकता था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या परंदूर एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक स्थल पहले से तय हैं?

उत्तर: अभी तक कोई निश्चित स्थान घोषित नहीं किया गया है; सरकार संभावित साइटों की जांच कर रही है।

प्रश्न 2: इस रद्दीकरण से स्थानीय किसानों को क्या मुआवजा मिलेगा?

उत्तर: वर्तमान में सरकार ने कहा है कि मौजूदा मुआवजा पैकेज को बरकरार रखा जाएगा और अतिरिक्त सहायता पर विचार किया जाएगा।