पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर हुए 45 दिनों के आंदोलन के पीछे की आंतरिक कलह का खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया कि भीड़ कम होते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं का मनोबल गिर गया था।
- सोनम वांगचुक ने खुलासा किया कि CJP नेता भीड़ कम होने पर आंदोलन खत्म करना चाहते थे।
- वांगचुक ने आंदोलन में शामिल होने से पहले CJP की प्रतिबद्धता की परीक्षा ली थी।
- अनशन खत्म करने के लिए राहुल गांधी का नाम एक विकल्प के रूप में सामने आया था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 45 दिनों तक चले एक बड़े विरोध प्रदर्शन के चेहरे, सोनम वांगचुक ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वांगचुक, जिन्होंने 26 दिनों तक आमरण अनशन किया, ने बताया कि जिस कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया था, उसके नेता अंदरूनी तौर पर टूट चुके थे।
वांगचुक के अनुसार, जब अनशन के शुरुआती 8-9 दिनों के बाद भीड़ घटने लगी, तो CJP नेतृत्व का आत्मविश्वास डगमगाने लगा। उन्होंने बताया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उनसे हाथ जोड़कर विनती कर रहे थे कि उन्हें इस प्रदर्शन से बाहर निकलने का रास्ता दिया जाए। वांगचुक ने कहा कि CJP का वह जज्बा, जो सार्वजनिक रूप से बहुत मजबूत दिख रहा था, वास्तव में उनके 'राजनीतिक दिमाग' के कारण बदल रहा था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this revelation exposes the fragile nature of crowd-dependent political movements. When the visual spectacle of a large crowd vanishes, the ideological conviction of the leaders often collapses, revealing a gap between public rhetoric and private resolve.
आंदोलन की एक और दिलचस्प बात यह रही कि वांगचुक ने सीधे तौर पर समर्थन देने के बजाय पहले CJP की परीक्षा ली। जब उन्हें 20 जून को आंदोलन शुरू करने के लिए कहा गया, तो उन्होंने जानबूझकर 28 जून की तारीख दी। वांगचुक यह देखना चाहते थे कि क्या युवा कार्यकर्ता उनके बिना भी मोर्चा संभालने का दम रखते हैं। 8 दिनों के धैर्य के बाद ही वह अनशन पर बैठे।
"राजनीतिक प्रतिबद्धता अक्सर भीड़ के शोर पर टिकी होती है, लेकिन वास्तविक नेतृत्व वही है जो सन्नाटे में भी अडिग रहे।"
वांगचुक ने यह भी पुष्टि की कि जब उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया, तब CJP नेतृत्व को लगा कि आंदोलन विफल हो गया है। उस समय इसे सम्मानजनक तरीके से समाप्त करने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम चर्चा में लाया गया था ताकि आंदोलन का अंत एक सकारात्मक मोड़ पर हो सके।
Frequently Asked Questions
1. CJP का पूरा नाम क्या है और इसके संस्थापक कौन थे?
CJP का पूरा नाम कॉकरोच जनता पार्टी है, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके थे।
2. सोनम वांगचुक ने कितने दिनों तक अनशन किया?
सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर कुल 26 दिनों तक आमरण अनशन किया था।