राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट' के जरिए डेलाइट सेविंग टाइम (DST) को स्थायी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे साल में दो बार घड़ी बदलने की झंझट तो खत्म होगी, लेकिन हैलोवीन के शौकीनों के लिए देर रात की मस्ती का एक घंटा कम हो सकता है।
- राष्ट्रपति ट्रंप डेलाइट सेविंग टाइम (DST) को स्थायी बनाने के पक्ष में हैं ताकि साल में दो बार घड़ी न बदलनी पड़े।
- हाउस ने 'सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट' पारित कर दिया है, लेकिन सीनेट में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।
- यदि यह कानून लागू होता है, तो हैलोवीन की रात को मिलने वाला 'अतिरिक्त घंटा' समाप्त हो जाएगा।
अमेरिका में साल में दो बार घड़ी की सुइयों को आगे-पीछे करने की परंपरा जल्द ही खत्म हो सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेलाइट सेविंग टाइम को स्थायी बनाने की पुरजोर वकालत की है। उनका तर्क है कि साल में दो बार समय बदलना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महंगा भी साबित होता है।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, राष्ट्रपति ने इस प्रथा को "मूर्खतापूर्ण" करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोग बार-बार घड़ी बदलने से तंग आ चुके हैं। ट्रंप का मुख्य लक्ष्य 'सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट' को जल्द से जल्द पारित करवाना है, जिससे शाम के समय सूरज की रोशनी अधिक समय तक उपलब्ध रहेगी।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और आर्थिक उत्पादकता से जुड़ी एक सोची-समझी रणनीति है। प्रशासन का मानना है कि शाम को अधिक रोशनी रहने से सड़क दुर्घटनाओं और अपराध दर में कमी आएगी, साथ ही बाहरी गतिविधियों और पारिवारिक समय में वृद्धि होगी।
घड़ी बदलने की प्रक्रिया को समाप्त करने से लाखों लोगों के लिए जैविक तनाव कम होगा, जिससे समय परिवर्तन के दौरान होने वाली हृदय संबंधी समस्याओं में कमी आ सकती है।
हालांकि, आम लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता हैलोवीन को लेकर है। आमतौर पर, 1 नवंबर को घड़ियां एक घंटा पीछे कर दी जाती हैं, जिससे 31 अक्टूबर की आधी रात के बाद जश्न मनाने वालों को एक अतिरिक्त घंटा मिल जाता है। यदि ट्रंप की योजना लागू होती है, तो यह 'बोनस घंटा' खत्म हो जाएगा और हैलोवीन की मस्ती समय से पहले समाप्त करनी होगी।
जुलाई में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने इस बिल को मंजूरी दे दी थी, लेकिन सीनेट में इसकी स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। चूंकि सीनेट 14 सितंबर तक अवकाश पर है और वोटों की कमी की आशंका है, इसलिए संभावना है कि 1 नवंबर, 2026 को घड़ियां फिर से 2 बजे से 1 बजे की ओर पीछे की जाएंगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
डेलाइट सेविंग टाइम की शुरुआत मूल रूप से युद्ध के समय ऊर्जा बचाने के लिए की गई थी, विशेष रूप से प्रथम विश्व युद्ध के दौरान। दशकों से यह विवाद का विषय रहा है। कुछ राज्य इसे पूरी तरह अपनाने के पक्ष में हैं, तो कुछ मानक समय (Standard Time) को ही प्राथमिकता देते हैं। मुख्य बहस सर्दियों में सुबह की रोशनी खोने और गर्मियों में शाम की रोशनी बढ़ाने के बीच संतुलन की है।
| विशेषता | वर्तमान प्रणाली (बदलाव) | प्रस्तावित प्रणाली (स्थायी DST) |
|---|---|---|
| घड़ी में बदलाव | साल में दो बार | कोई बदलाव नहीं |
| सर्दियों में सूर्यास्त | जल्दी | देर से |
| हैलोवीन पर प्रभाव | आधी रात के बाद अतिरिक्त घंटा | कोई अतिरिक्त घंटा नहीं |
| सार्वजनिक सुरक्षा | बदलाव के समय जोखिम | संभावित कम अपराध/दुर्घटनाएं |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या मुझे इस नवंबर में अपनी घड़ी बदलनी होगी?
हाँ, जब तक सीनेट 1 नवंबर से पहले 'सनशाइन प्रोटेक्शन एक्ट' पारित नहीं कर देती, आपको घड़ी एक घंटा पीछे करनी होगी।
स्थायी DST के मुख्य लाभ क्या हैं?
प्रशासन के अनुसार, इससे अपराध दर में कमी, कम सड़क दुर्घटनाएं और ऊर्जा की बचत होगी।