मैसूरु सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) ने संपत्ति कर न चुकाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। कमिश्नर एम.के. सविता ने चेतावनी दी है कि नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर संपत्तियों को कुर्क (Attach) किया जा सकता है।
- MCC कमिश्नर एम.के. सविता ने संपत्ति कर डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- प्रक्रिया के तहत पहले, दूसरे और तीसरे नोटिस जारी किए जाएंगे।
- अंतिम नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर संपत्ति की कुर्की की जा सकती है।
- सभी नोटिस जारी करने की समय सीमा इस महीने के अंत तक तय की गई है।
मैसूरु सिटी कॉर्पोरेशन (MCC) ने शहर के विकास के लिए आवश्यक राजस्व जुटाने हेतु संपत्ति कर डिफ़ॉल्टरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। कमिश्नर एम.के. सविता की अध्यक्षता में सोमवार को एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिकारियों को नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस बैठक में एडिशनल कमिश्नर वीणा, डिप्टी कमिश्नर (राजस्व) सोमशेकर और विभिन्न जोनल अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान प्रत्येक वार्ड के डिफ़ॉल्टरों की सूची की समीक्षा की गई और विशेष रूप से उन संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया गया जहाँ लंबे समय से कर का भुगतान नहीं किया गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, कर्नाटक के नगर निगम अब 2025 के राज्य गजट नोटिफिकेशन का सख्ती से पालन कर रहे हैं ताकि वित्तीय घाटे को कम किया जा सके। MCC द्वारा अपनाया गया यह सख्त रुख न केवल बकाया राशि की वसूली करेगा, बल्कि अन्य करदाताओं के लिए एक कड़ा संदेश भी भेजेगा कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
"रिमाइंडर से सीधे संपत्ति कुर्की की चेतावनी की ओर बढ़ना नगर पालिका प्रशासन में वित्तीय जवाबदेही के एक नए युग की शुरुआत है।"
सरकारी नियमों के अनुसार, डिफ़ॉल्टरों को पहले तीन कानूनी नोटिस भेजे जाएंगे। यदि इन नोटिसों के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो लागू कानूनों के तहत संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि कार्रवाई से पहले नागरिक को पर्याप्त अवसर दिया गया हो।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस महीने के अंत तक सभी नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद, निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कमिश्नर सविता ने संपत्ति मालिकों से अपील की है कि वे कानूनी झंझटों से बचने के लिए तुरंत अपने बकाया का भुगतान करें।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए संपत्ति कर आय का मुख्य स्रोत होता है। मैसूरु में, कर निर्धारण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन फिर भी एक बड़ा वर्ग कर चोरी में लिप्त रहा है। इसी कारण राज्य सरकार ने अब सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए धन की कमी न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: यदि मैं MCC के तीन नोटिसों को अनदेखा करता हूँ तो क्या होगा?
तीसरे नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर, MCC के पास संपत्ति को कानूनी रूप से कुर्क (Attach) करने का अधिकार है।
प्रश्न 2: नोटिस जारी करने की समय सीमा क्या है?
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सितंबर 2026 के अंत तक सभी डिफ़ॉल्टरों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया पूरी करें।