पूर्व जनगणना अधिकारियों ने जनगणना 2027 के नए सवालों और डेटा गोपनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि 1951 की तरह जनगणना डेटा का उपयोग राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) तैयार करने के लिए किया जा सकता है।

  • जनगणना 2027 के प्रश्नावली में 13 नए प्रश्न जोड़े गए हैं जो NPR डेटा से मिलते-जुलते हैं।
  • 1951 में जनगणना डेटा का उपयोग करके पूरे देश में NRC तैयार किया गया था, हालांकि इसे केवल असम में प्रकाशित किया गया।
  • विशेषज्ञों ने डेटा गोपनीयता और नागरिकता सत्यापन के बीच के धुंधले अंतर पर चिंता व्यक्त की है।

भारत सरकार द्वारा जनगणना 2027 के जनसंख्या गणना चरण को चार चुनाव-बाध्य राज्यों में आगे बढ़ाने के निर्णय ने एक नई बहस छेड़ दी है। पूर्व जनगणना अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए डेटा का उपयोग राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) और अंततः राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) बनाने के लिए किया जा सकता है।

पूर्व डिप्टी रजिस्ट्रार जनरल के. नारायणन उन्नी ने संकेत दिया कि हालांकि जनगणना और जनसंख्या पंजीकरण अलग-अलग गतिविधियां हैं, लेकिन नवीनतम प्रश्नावली में पूछे गए सवाल पिछले NPR अपडेट अभ्यासों के समान हैं। इसमें माता-पिता का विवरण, जन्म स्थान, आधार नंबर और वोटर आईडी जैसी जानकारी मांगी जा रही है, जो सामान्य सांख्यिकीय जनगणना के दायरे से बाहर प्रतीत होती है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 1951 का उदाहरण

रिकॉर्ड बताते हैं कि स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना (1951) के दौरान, पूरे देश में NRC तैयार किया गया था। उस समय जनगणना शेड्यूल से डेटा को 'कॉपी' करके यह रजिस्टर बनाया गया था। हालांकि, अज्ञात कारणों से, इसे केवल अविभाजित असम (जिसमें मणिपुर और त्रिपुरा शामिल थे) में प्रकाशित किया गया, जबकि देशव्यापी NRC को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 15 स्पष्ट रूप से डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करती है, जिसका अर्थ है कि जनगणना रिकॉर्ड साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं होने चाहिए। लेकिन 1951 का उदाहरण यह साबित करता है कि प्रशासनिक जरूरतों के नाम पर इस गोपनीयता को दरकिनार किया जा सकता है। यदि जनगणना डेटा को नागरिकता सत्यापन से जोड़ा जाता है, तो यह लाखों लोगों के लिए कानूनी जटिलताएं पैदा कर सकता है।

"जनगणना डेटा गोपनीय होता है और केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन 1951 का अभ्यास यह दर्शाता है कि गोपनीयता के बावजूद डेटा का उपयोग NRC के लिए किया जा सकता है।"

वर्तमान में, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG&CCI) ने 40 प्रश्नों का एक सेट अधिसूचित किया है। इनमें से 13 नए क्षेत्र हैं जो 2011 की जनगणना में नहीं थे। यह बदलाव नागरिक समाज और राजनीतिक दलों के बीच संदेह पैदा कर रहा है, क्योंकि NPR को पहले ही कड़े विरोध के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।

विशेषताजनगणना (Census)NPR/NRC
कानूनी आधारजनगणना अधिनियम, 1948नागरिकता अधिनियम
डेटा उपयोगसांख्यिकीय विश्लेषणनागरिकता सत्यापन
गोपनीयताअत्यधिक गोपनीय (धारा 15)सार्वजनिक/प्रकाशन योग्य
क्या आप जानते हैं?: 1951 की जनगणना रिपोर्ट के अनुसार, NRC को मूल रूप से नागरिकता सत्यापन के बजाय एक प्रशासनिक उपकरण के रूप में задума गया था ताकि जनगणनाओं के बीच निरंतरता बनी रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या जनगणना डेटा का उपयोग कानूनी रूप से NRC के लिए किया जा सकता है?
उत्तर: जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत डेटा गोपनीय है, लेकिन 1951 का ऐतिहासिक उदाहरण दिखाता है कि इसे प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया था।

प्रश्न 2: जनगणना 2027 में क्या नया है?
उत्तर: इस बार 13 नए प्रश्न जोड़े गए हैं और पहली बार अनुसूचित जाति/जनजाति के अलावा अन्य जातियों का भी enumeration किया जाएगा।