वार्ड समिति चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने तीन एमसीडी पार्षदों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इससे दिल्ली नगर निगम में भाजपा की पकड़ और मजबूत हो गई है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- AAP ने तीन पार्षदों—निर्मला देवी, कृष्णा देवी राघव और सुल्ताना आबाद को निलंबित किया।
- वार्ड समिति चुनावों में क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया।
- स्टैंडिंग कमेटी में भाजपा का वर्चस्व बढ़ा, अब भाजपा के पास 12 और AAP के पास 6 सीटें हैं।
- पार्टी ने इसे 'जनादेश के साथ विश्वासघात' करार दिया है।
नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने वार्ड समिति चुनावों के दौरान अनुशासनहीनता और 'क्रॉस-वोटिंग' का आरोप लगाते हुए अपने तीन नगर निगम (MCD) पार्षदों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस कठोर कार्रवाई की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की।
विद्रोह और निलंबन का कारण
पार्टी के अनुसार, निलंबित किए गए पार्षदों में पश्चिम क्षेत्र से निर्मला देवी (शर्मा) और कृष्णा देवी राघव, तथा सिटी एसपी ज़ोन से सुल्ताना आबाद शामिल हैं। यह कार्रवाई उस समय हुई जब वार्ड समिति चुनावों के परिणामों ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर से ही वोटों का खेल हुआ है। विशेष रूप से पश्चिम ज़ोन में अध्यक्ष का चुनाव क्रॉस-वोटिंग के माध्यम से हुआ, जिससे पार्टी को भारी झटका लगा।
भाजपा का बढ़ता वर्चस्व
इन चुनावों के परिणामों ने दिल्ली नगर निगम के शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 12 में से 10 वार्ड समितियों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इसके साथ ही, 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी में भी भाजपा का दबदबा बढ़ गया है, जहाँ अब भाजपा के पास 12 सदस्य हैं, जबकि AAP के पास केवल 6 सीटें रह गई हैं।
पार्टी का कड़ा रुख
MCD में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने स्पष्ट किया कि पार्टी के निर्देशों के विरुद्ध जाकर किया गया कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "चुनाव कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पार्टी लड़ती है। जनादेश और पार्टी के साथ विश्वासघात को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।" पार्टी ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी अनुशासनहीनता दिखाने वाले सदस्यों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।