अमदलावसा के विधायक कुना रविकुमार ने सरकार से 1,391 जेल वार्डरों को उनके गृह जिलों या स्थानीय क्षेत्रों में तैनात करने का आग्रह किया है। मल्टी-ज़ोन नियम के कारण वार्डरों को पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

  • विधायक कुना रविकुमार ने 1,391 जेल वार्डरों की पोस्टिंग के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
  • मल्टी-ज़ोन नियम के कारण वार्डरों को उनके गृह जिलों से दूर तैनात किया गया है।
  • जेल कर्मचारी संघ का कहना है कि इससे कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
  • राष्ट्रपति आदेश के दिशा-निर्देशों के तहत स्थानीय स्तर पर तैनाती की मांग की गई है।

अमदलावसा के विधायक कुना रविकुमार ने शुक्रवार को राज्य सरकार से एक महत्वपूर्ण मांग की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि 1,391 जेल वार्डरों को उनके गृह जिलों या स्थानीय क्षेत्रों में तैनात करने के लिए तत्काल आदेश जारी किए जाएं। यह मांग कर्मचारियों की पोस्टिंग से संबंधित राष्ट्रपति आदेश के दिशा-निर्देशों के आधार पर की गई है।

विधायक रविकुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में लागू किए गए 'मल्टी-ज़ोन नियम' के कारण जेल वार्डरों को उनके मूल जिलों से बहुत दूर तैनात किया गया है। इस व्यवस्था के कारण न केवल वार्डरों को, बल्कि उनके परिवार के सदस्यों को भी अत्यधिक मानसिक पीड़ा और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि कार्यस्थल और निवास के बीच की दूरी कर्मचारी की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालती है। यदि जेल कर्मचारी अपने परिवारों से दूर और आर्थिक रूप से कम वेतन वाली परिस्थितियों में काम करते हैं, तो इससे जेल प्रशासन की सुरक्षा और दक्षता पर भी असर पड़ सकता है।

कर्मचारियों का स्थानीयकरण न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार करेगा, बल्कि प्रशासनिक स्थिरता भी सुनिश्चित करेगा।

आंध्र प्रदेश जेल कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। संघ का कहना है कि दूरदराज के जिलों में तैनाती के कारण वार्डर तीन महीने में एक बार भी अपने परिवार से नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब अन्य सामान्य कर्मचारियों को उनके गृह जिलों या ज़ोन में तैनात किया जाता है, तो केवल जेल वार्डरों के लिए मल्टी-ज़ोन नियम को सख्ती से लागू करना अन्यायपूर्ण है।

विशेष रूप से उत्तर आंध्र क्षेत्र के वार्डरों को चित्तूर, कडपा और नेल्लोर जैसे दूरस्थ जिलों में तैनात किया गया है। संघ के एक प्रतिनिधि ने बताया कि अन्य जिलों में रहने का खर्च और सीमित वेतन के कारण जीवन यापन करना अत्यंत कठिन हो गया है। कर्मचारी अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता से मिलने की योजना बना रहे हैं।

Did You Know?: जेल वार्डर जेलों के भीतर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: विधायक ने सरकार से क्या मांग की है?
उत्तर: विधायक ने 1,391 जेल वार्डरों को उनके गृह जिलों या स्थानीय ज़ोन में तैनात करने की मांग की है।

प्रश्न 2: कर्मचारियों की मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: मुख्य समस्या मल्टी-ज़ोन नियम है, जिसके कारण उन्हें अपने परिवार से दूर रहना पड़ता है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।