राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकदी की सुधार पहल ने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर संविधानीय टकराव को तेज किया है। विपक्षी गठबंधन C64 और सरकार के बीच संविधान संशोधन को लेकर संघर्ष गहराता जा रहा है, जबकि पूर्वी कांगो में जारी संघर्ष इससे जटिल हो रहा है।

  • त्शिसेकदी का दूसरा कार्यकाल 2028 में समाप्त होगा, लेकिन संशोधन से तीसरा कार्यकाल संभव हो सकता है।
  • विपक्षी C64 ने 15 सितंबर को राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
  • पूर्वी कांगो में M23‑AFC संघर्ष चुनाव की विश्वसनीयता को बाधित कर रहा है।

किंगशासा, डीआरसी – राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकदी 2028 में अपने मौजूदा कार्यकाल के अंत पर पहुँचेंगे, लेकिन उनका संस्थागत सुधार एजेंडा संविधानीय नियमों को बदलने की संभावना को जन्म दे रहा है। इस कारण से देश के राजनीति परिदृश्य में गहरा विभाजन उत्पन्न हो गया है।

पृष्ठभूमि

वर्तमान संविधान के तहत राष्ट्रपति को पाँच साल के दो कार्यकाल की अनुमति है, और इन नियमों को संशोधित करना असंविधानीय माना जाता है। मई में त्शिसेकदी ने कहा था कि वह तीसरा कार्यकाल नहीं चाहते, परन्तु जनमत समर्थन मिलने पर स्वीकार करेंगे। यह बयान विपक्ष में डर पैदा कर गया कि भविष्य में संविधानीय परिवर्तन से दो‑कार्यकाल सीमा को हटाया जा सकता है।

जनमत संग्रह विधेयक

जून में राष्ट्रीय संसद ने एक विधेयक पारित किया, जिसमें ‘महत्वपूर्ण संस्थागत विफलता’ की स्थिति में एक संविधान सभा और जनमत संग्रह आयोजित करने की व्यवस्था है। जुलाई में संविधानीय न्यायालय ने इस विधेयक को संविधान के अनुरूप माना, परन्तु कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए। 10 अगस्त को त्शिसेकदी ने राष्ट्रीय सभा और सीनेट के अध्यक्षों से पुनर्विचार करने को कहा, और यह मुद्दा सितंबर के सत्र में फिर से चर्चा का विषय बन गया।

विपक्षी गठबंधन C64 का विरोध

मुख्य विरोधी समूह C64, अर्थात् अनुच्छेद 64 गठबंधन, ने इस प्रक्रिया को राष्ट्रपति के तीसरे कार्यकाल की संभावनाओं से जोड़ते हुए विरोध किया। उन्होंने 15 सितंबर को किंगशासा के पालै दु पिपल (संसद भवन) में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। C64 के नेता जीन‑मार्क कबुंद ने कहा, “कोई भी संविधानीय संशोधन मौजूदा संविधान को बायपास नहीं कर सकता”।

पूर्वी कांगो में संघर्ष और चुनाव की चुनौतियाँ

M23 और उसकी गठबंधन AFC ने पूर्वी कांगो के गॉमा और बुकावु क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। सरकार ने रवांडा को समर्थन देने का आरोप लगाया है, जिसे किगाली ने खारिज किया। इस संघर्ष के कारण 2028 के चुनावों को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना मुश्किल हो रहा है। त्शिसेकदी ने चेतावनी दी है कि निरंतर युद्ध के कारण चुनाव संभव नहीं हो सकते।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the constitutional showdown not only threatens the democratic transition in the DRC but also risks international investment and regional stability, especially as neighboring countries watch the precedent set for term‑limit reforms.

“संविधानीय स्थिरता के बिना आर्थिक विकास असंभव है, और यह संघर्ष दोनों को प्रभावित करेगा,” कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक एम्मानुएल बुगामा।
Did You Know?: यदि 2028 का चुनाव विफल रहता है, तो डीआरसी की संविधानिक धारा 64 के तहत अगले राष्ट्रपति का चयन एक अस्थायी राष्ट्रपति परिषद द्वारा किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या त्शिसेकदी वास्तव में तीसरा कार्यकाल चाहते हैं?
A1: उन्होंने सार्वजनिक तौर पर तीसरा कार्यकाल नहीं चाहते कहा है, परन्तु उन्होंने “जन समर्थन” की शर्त रखी है, जिससे संभावित संविधानीय संशोधन का द्वार खुलता है।

Q2: यदि संविधान में बदलाव किया जाता है तो क्या यह अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत वैध रहेगा?
A2: अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मुख्यतः लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है; यदि संशोधन को लोकतांत्रिक रूप से लागू किया जाए तो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इसे स्वीकार कर सकता है।