मेगा डीएससी 2025 के तहत चयनित 3,500 से अधिक शिक्षकों ने विशाखापत्तनम के आरके बीच पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के खिलाफ विशाल रैली निकाली। उन्होंने विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे 'भ्रामक प्रचार' पर कड़ा विरोध जताया है।

  • 3,500 से अधिक शिक्षक 53 विधानसभा क्षेत्रों से रैली में शामिल हुए।
  • भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को 'झूठा' बताते हुए प्रदर्शन किया गया।
  • विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध।
  • आरके बीच पर प्रतीकात्मक रूप से आरोपों को समुद्र में विसर्जित किया गया।

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रविवार को एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला, जब मेगा डीएससी (District Selection Committee) 2025 भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से चयनित हजारों शिक्षकों ने अपनी गरिमा की रक्षा के लिए 'आत्म गौरव गर्जना' रैली का आयोजन किया। आरके बीच के तट पर आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे कथित दुष्प्रचार और अनियमितताओं के आरोपों का खंडन करना था।

मेगा डीएससी आत्म गौरव పోరटा समिति (MAPS) द्वारा आयोजित यह रैली 'विक्ट्री एट सी' से शुरू होकर आरके बीच तक लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी थी। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां ली हुई थीं और वे चयनित शिक्षकों के समर्थन में नारे लगा रहे थे। एक प्रतीकात्मक और शक्तिशाली संदेश देने के लिए, प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को कागज पर लिखा, उन्हें एक बॉक्स में रखा और समुद्र में विसर्जित कर दिया। आयोजकों का कहना है कि यह कदम झूठे आरोपों पर पूर्ण विराम लगाने का एक शांतिपूर्ण तरीका था।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विरोध केवल शिक्षकों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बीच फंसी एक पूरी पीढ़ी के आत्मसम्मान की लड़ाई है। यदि भर्ती प्रक्रिया पर उठने वाले सवाल अनसुलझे रहते हैं, तो यह भविष्य की सरकारी नियुक्तियों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा करने वाले शिक्षकों का यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में एक बड़े टकराव का संकेत है।

इस रैली में पूर्व श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम और पूर्वी गोदावरी जिलों की 53 विधानसभा सीटों से आए शिक्षकों ने हिस्सा लिया। आंध्र प्रदेश टीचर्स फेडरेशन (APTF) के पूर्व राज्य सचिव बी. वेंकटपति राजू ने बताया कि चयनित उम्मीदवारों में से लगभग 90% इस कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रैली कुर्नूल और विजयवाड़ा में हुए प्रदर्शनों के बाद विशाखापत्तनम में किया गया अंतिम प्रतीकात्मक विरोध था।

विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षकों ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि वे वर्षों तक कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद इस पद तक पहुंचे हैं। एनाकापल्ली जिले की शारीरिक शिक्षा शिक्षिका शहनाज ने प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित और सुरक्षित मोड में आयोजित की गई थी। वहीं, ईडब्ल्यूएस श्रेणी से चयनित शिक्षकों ने कहा कि वे मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं और उनके पास नौकरी खरीदने के लिए धन देने की क्षमता नहीं है।

Did You Know?: मेगा डीएससी भर्ती प्रक्रिया को आंध्र प्रदेश की सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है, जो राज्य की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'आत्म गौरव गर्जना' रैली का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका उद्देश्य मेगा डीएससी भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ लगाए गए अनियमितताओं के आरोपों और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार का विरोध करना था।

प्रश्न 2: रैली में कितने शिक्षक शामिल हुए?
उत्तर: लगभग 3,500 से अधिक शिक्षक 53 विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से इस रैली में शामिल हुए।