मंगलुरु शहर उत्तर के भाजपा विधायक वाई. भरत शेट्टी ने दावा किया है कि एक कांग्रेस विधायक के पत्र ने कर्नाटक सरकार में व्याप्त गहरे भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। यह मामला KRIDL कार्यालय में ठेकेदारों से अवैध वसूली से जुड़ा है।

  • पुत्तूर विधायक अशोक कुमार राय ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को पत्र लिखकर KRIDL में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
  • इंजीनियरों द्वारा ठेकेदारों से 'KRIDL शुल्क' के रूप में 7% अतिरिक्त धन की मांग का दावा।
  • भाजपा विधायक वाई. भरत शेट्टी ने सरकार से न्यायिक जांच की मांग की है।

कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है जब सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के ही एक विधायक के पत्र ने सरकार के भीतर भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। मंगलुरु सिटी नॉर्थ के भाजपा विधायक वाई. भरत शेट्टी ने मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार में भ्रष्टाचार किस स्तर तक फैल चुका है।

पूरा मामला 25 अगस्त को पुत्तूर विधायक अशोक कुमार राय द्वारा मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को लिखे गए एक पत्र से शुरू हुआ। इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि दक्षिण कन्नड़ के कर्नाटक ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास लिमिटेड (KRIDL) कार्यालय के दो इंजीनियरों, जिनमें एक कार्यकारी इंजीनियर और एक कनिष्ठ इंजीनियर शामिल हैं, ने ठेकेदारों से 'KRIDL शुल्क' के नाम पर 7% अतिरिक्त धन की मांग की है।

हैरानी की बात यह है कि पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ये इंजीनियर धन एकत्र करते समय दावा करते हैं कि उन्हें जिला प्रभारी मंत्री और KRIDL के प्रभारी मंत्री को मासिक भुगतान करना होता है। यह आरोप सीधे तौर पर कैबिनेट स्तर के हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this internal rift within the Congress party provides a strategic goldmine for the opposition. When a ruling party's own legislator flags systemic bribery, it validates the opposition's narrative of 'institutional decay'. This case isn't just about a few engineers; it's about the alleged structural flow of bribes from the ground level to the highest political echelons.

"When corruption becomes a systemic 'charge' or 'quota', it ceases to be an individual crime and becomes a governance failure."

डॉ. शेट्टी ने इस अवसर पर KPSC घोटाले और आबकारी विभाग के घोटालों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन मामलों में कोई गंभीर जांच नहीं कर रही है और जांच को तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'भ्रष्टाचार' अब कांग्रेस सरकार की एक और 'गारंटी' बन गया है।

भाजपा विधायक ने पूर्व उप लोकायुक्त बी. वीरप्पा के एक आंकड़े का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में 63% लोगों को सरकारी कार्यालयों में काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर '40% कमीशन' का आरोप लगाया था, लेकिन वे उसे साबित नहीं कर सके।

क्या आप जानते हैं?: लोकायुक्त कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली सबसे शक्तिशाली संस्था है, लेकिन अक्सर राजनीतिक दबाव के कारण इसकी रिपोर्टों पर कार्रवाई में देरी होती है।

Frequently Asked Questions

1. KRIDL क्या है?
KRIDL (कर्नाटक ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकास लिमिटेड) राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जिम्मेदार एक सरकारी निकाय है।

2. भाजपा विधायक की मुख्य मांग क्या है?
डॉ. वाई. भरत शेट्टी ने मांग की है कि भ्रष्टाचार के प्रत्येक मामले में सरकार द्वारा न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।