आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार पर 1.3 लाख साइकिलों की खरीद में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। पार्टी ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग करते हुए स्कूलों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

  • AAP ने आरोप लगाया कि ₹4,000 वाली साइकिल ₹7,000 में खरीदी गई।
  • 1.3 लाख छात्राओं के लिए ₹90 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था।
  • पार्टी ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की है।

नई दिल्ली: दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कथित 'साइकिल खरीद घोटाले' को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। AAP दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के विभिन्न वार्डों में स्थित सरकारी कन्या विद्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया और पर्चे बांटे।

पार्टी का मुख्य आरोप यह है कि सरकार ने एक कल्याणकारी योजना के तहत 1.3 लाख साइकिलों की खरीद अत्यधिक ऊंचे दामों पर की है। AAP के अनुसार, जो साइकिल बाजार में मात्र ₹4,000 में उपलब्ध है, उसे सरकार ने लगभग ₹7,000 प्रति साइकिल की दर से खरीदा है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि निविदा (tender) की शर्तें कुछ विशिष्ट कंपनियों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार की गई थीं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल वित्तीय हेराफेरी का नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च में बजट पेश करते हुए घोषणा की थी कि स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या कम करने के लिए 9वीं कक्षा की 1.3 लाख लड़कियों को मुफ्त साइकिल दी जाएगी। इसके लिए ₹90 करोड़ का प्रावधान किया गया था।

"प्रशासनिक भ्रष्टाचार जब शिक्षा जैसी बुनियादी योजनाओं में घुसपैठ करता है, तो इसका सीधा असर समाज के सबसे कमजोर वर्ग पर पड़ता है।"

विरोध प्रदर्शन के दौरान एक अनूठा और विवादास्पद तरीका भी अपनाया गया। AAP कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के जन्मदिन को 'सफेद हाथी' की तरह मनाया। स्वामी नगर सरकारी कन्या विद्यालय के बाहर, एक कार्यकर्ता ने आशीष सूद का मुखौटा पहनकर केक काटा, ताकि सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष किया जा सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

दिल्ली में सार्वजनिक खरीद और निविदा प्रक्रियाओं को लेकर अक्सर राजनीतिक घमासान होता रहता है। साइकिल वितरण योजना का उद्देश्य विशेष रूप से उन छात्राओं को सहायता प्रदान करना था जो परिवहन के साधनों की कमी के कारण स्कूल छोड़ देती थीं। इस योजना की शुरुआत 31 जुलाई को 3,000 छात्राओं को साइकिल वितरित करने के साथ हुई थी।

Did You Know?: दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत कुल 1.3 लाख छात्राओं को लक्षित किया है, जिसके लिए ₹90 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: AAP का मुख्य आरोप क्या है?
उत्तर: AAP का आरोप है कि सरकार ने साइकिलों की खरीद में प्रति साइकिल लगभग ₹3,000 का अतिरिक्त भुगतान किया है और टेंडर प्रक्रिया में धांधली की है।

प्रश्न 2: विरोध प्रदर्शन कहाँ किया गया?
उत्तर: विरोध प्रदर्शन दिल्ली के विभिन्न वार्डों में स्थित सरकारी कन्या विद्यालयों के बाहर किया गया।