केरल सरकार के 'ओणथिनोरुक्कम विलाविन्ते विस्मयम 2026' अभियान ने राज्य में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए 2.52 लाख टन सब्जियों का भारी उत्पादन किया है। कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने इस सफल फसल कटाई का औपचारिक उद्घाटन किया।

  • 'ओणथिनोरुक्कम विलाविन्ते विस्मयम 2026' अभियान के तहत 2.52 लाख टन सब्जियों का उत्पादन हुआ।
  • राज्य भर में 22,137 हेक्टेयर भूमि पर खेती की गई।
  • 70,000 हाइब्रिड बीज पैकेट और एक करोड़ पौधे वितरित किए गए।

तिरुवनंतपुरम: केरल के कृषि विभाग ने ओणम त्योहार के दौरान सब्जियों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी ने बुधवार को घोषणा की कि 'ओणथिनोरुक्कम विलाविन्ते विस्मयम 2026' अभियान के माध्यम से राज्य में कुल 2.52 लाख टन सब्जियों का उत्पादन किया गया है।

इस व्यापक अभियान की शुरुआत 5 जून को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य त्योहारों के सीजन में सब्जियों की कीमतों को नियंत्रित करना और राज्य को आत्मनिर्भर बनाना था। इस वर्ष खेती का विस्तार राज्य के 22,137 हेक्टेयर क्षेत्र में किया गया। सचिवालय परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में कृषि मंत्री, राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार और पशुपालन मंत्री बिंधु कृष्णा ने इस राज्यव्यापी फसल कटाई का औपचारिक उद्घाटन किया।

अभियान की सफलता के मुख्य स्तंभ

इस अभियान की सफलता का श्रेय केवल सरकार को नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले विभिन्न समूहों को जाता है। कृषि विभाग ने किसानों, कृषि भवन, स्थानीय निकायों, सहकारी समितियों, कुदुम्बश्री, छात्रों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर काम किया। अभियान के दौरान 70,000 हाइब्रिड बीज पैकेट और एक करोड़ से अधिक पौधे वितरित किए गए, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को बड़ी मदद मिली।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि इस तरह के सार्वजनिक अभियान न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि रसायनों से मुक्त, 'सुरक्षित-से-खाने योग्य' (safe-to-eat) सब्जियों की आपूर्ति भी सुनिश्चित करते हैं। यह आत्मनिर्भरता स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है और त्योहारों के दौरान आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में होने वाली बाधाओं को कम करती है।

सार्वजनिक अभियान स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देकर खाद्य सुरक्षा और क्षेत्रीय आत्मनिर्भरता की गारंटी देते हैं।

मंत्री सिद्दीकी ने आगे कहा कि सरकार अब नारियल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 2 सितंबर को 'विश्व नारियल दिवस' को बड़े पैमाने पर मनाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य मूल्य संवर्धन (value addition), उद्यमिता और बेहतर विपणन के माध्यम से नारियल क्षेत्र में क्रांति लाना है।

ऐतिहासिक संदर्भ

केरल में ओणम के दौरान सब्जियों की मांग में भारी उछाल आता है, जिससे अक्सर कीमतों में वृद्धि होती है। पिछले कुछ वर्षों में, राज्य सरकार ने इस मांग को पूरा करने के लिए 'कृषि-आधारित आत्मनिर्भरता' मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया है, ताकि बाहरी राज्यों पर निर्भरता कम की जा सके।

Did You Know?: सचिवालय परिसर के मात्र 60 सेंट के छोटे से भूखंड पर 20 से अधिक प्रकार की सब्जियां उगाई गईं, जो आधुनिक खेती की दक्षता को दर्शाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य ओणम त्योहार के दौरान सब्जियों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करना और कीमतों को स्थिर रखना था।

प्रश्न 2: अभियान के तहत कितने पौधे वितरित किए गए?
उत्तर: अभियान के हिस्से के रूप में कुल एक करोड़ पौधे वितरित किए गए थे।