क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब में हजारों लोगों ने सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लिका क्षेत्र में अवैध रूप से डंप किया गया 30,000 टन जहरीला कचरा पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है।

  • लिसा क्षेत्र में 30,000 टन से अधिक औद्योगिक और चिकित्सा कचरा अवैध रूप से दबाया गया है।
  • प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रदूषण को छिपाने का आरोप लगाया है।
  • एंटी-करप्शन एजेंसी ने मिट्टी में 'फॉरएवर केमिकल्स' (PFAS) की मौजूदगी की पुष्टि की है।

क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब में शनिवार को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर एक विशाल मार्च निकाला। यह विरोध प्रदर्शन सरकार की उस विफलता के खिलाफ था, जिसमें वह लिसा (Lika) क्षेत्र में अवैध रूप से डंप किए गए खतरनाक कचरे की सफाई करने में देरी कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कचरा एक समय में शुद्ध रहे पहाड़ी क्षेत्र को धीरे-धीरे जहर दे रहा है।

विवाद की जड़: 30,000 टन जहरीला संकट

यह संकट तब शुरू हुआ जब गोस्पिक (Gospic) शहर के पास एक परित्यक्त औद्योगिक स्थल पर 30,000 टन से अधिक खतरनाक कचरा पाया गया। इस कचरे में चिकित्सा सामग्री और औद्योगिक अपशिष्ट शामिल हैं। यूरोपोल (Europol) और स्थानीय पुलिस ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो 2023 से यूरोपीय संघ के अन्य देशों से कचरा लाकर यहाँ अवैध रूप से डंप कर रहे थे। जांच में पता चला कि इस अवैध कारोबार से संदिग्धों ने 4 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की थी।

प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच (Andrej Plenkovic) ने हाल ही में इस स्थल का दौरा किया और आश्वासन दिया कि सफाई प्रक्रिया शुरू करने के लिए एक ठेकेदार चुन लिया गया है। हालांकि, सरकार का दावा है कि मिट्टी और पानी के परीक्षणों में कोई प्रदूषण नहीं मिला है, जो कि एक बड़े विवाद का कारण बन गया है।

BozokMedia विश्लेषण: सरकार बनाम सच्चाई

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गहरा अंतर है। जहाँ सरकार सुरक्षा का दावा कर रही है, वहीं क्रोएशिया की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी की रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। एजेंसी ने पाया है कि मिट्टी में धातुओं का स्तर बढ़ा हुआ है और भूजल में PFAS (पर- और पॉलीफ्लोरोअल्काइल पदार्थ) पाए गए हैं, जिन्हें 'फॉरएवर केमिकल्स' कहा जाता है क्योंकि ये पर्यावरण में कभी नष्ट नहीं होते।

"यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित अपराध है, जहाँ अधिकारियों की अनदेखी ने मुनाफे के लिए पर्यावरण को दांव पर लगा दिया।"

प्रदर्शनकारियों की मांग है कि अगले 20 दिनों के भीतर एक पूर्ण सफाई योजना तैयार की जाए और तीन महीने के भीतर सारा कचरा हटा दिया जाए। इस विरोध प्रदर्शन में केवल पर्यावरण कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता और प्रसिद्ध अभिनेता राडे सर्बेदज़िया (Rade Serbedzija) भी शामिल हुए, जो दर्शाता है कि यह मुद्दा अब केवल एक स्थानीय समस्या नहीं रह गया है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

यूरोपीय संघ के भीतर अवैध कचरा डंपिंग एक बढ़ती हुई समस्या रही है। विकसित देशों से कचरे को कम लागत वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से भेजना एक संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जिससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ते हैं।

Frequently Asked Questions

1. कचरे का मुख्य प्रकार क्या है?
इसमें मुख्य रूप से औद्योगिक अपशिष्ट और चिकित्सा सामग्री शामिल है जो अत्यधिक जहरीली है।

2. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
वे 20 दिनों के भीतर सफाई की समयसीमा और 3 महीने में पूर्ण निष्कासन की मांग कर रहे हैं।

Did You Know?: PFAS को 'फॉरएवर केमिकल्स' कहा जाता है क्योंकि ये प्रकृति में कभी खत्म नहीं होते और मानव शरीर में जमा होते रहते हैं।