अल्वा एजुकेशन फाउंडेशन के प्रबंध ट्रस्टी एम. विवेक अल्वा, भारत के पाँच विशेषज्ञों के साथ, रूसी कारेलिया में आयोजित ब्रिक्स पर्यावरण सम्मेलन में भाग लेंगे। वह पश्चिमी घाट में सामुदायिक‑आधारित पर्यावरण प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

  • विवेक अल्वा रूसी कारेलिया में ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेंगे
  • विषय: पश्चिमी घाट में सामुदायिक‑आधारित पर्यावरण प्रबंधन
  • फाउंडेशन की पहलों को यूएन क्लाइमेट एक्शन में मान्यता मिली

रूस के रिपब्लिक ऑफ़ कारेलिया के पेत्रोज़ावोद्स्क में 12‑14 सितम्बर 2026 को तीसरे अंतरराष्ट्रीय "BRICS राष्ट्रों के बीच क्षेत्रीय सहयोग" सम्मेलन का आयोजन हुआ। इस वर्ष का थीम "आधुनिक पर्यावरण और प्रकृति प्रबंधन मुद्दे" है, जिसे रूसी अकादमी ऑफ़ साइंसेज के कारेलियन रिसर्च सेंटर और रशियन नेशनल कमेटी ऑन BRICS रिसर्च ने मिलकर तैयार किया।

एम. विवेक अल्वा, अल्वा एजुकेशन फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी, पाँच भारतीय विशेषज्ञों के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस मंडल में आईआईएस बैंगलोर के टी.वी. रामचंद्र, एनआईटी‑के, सुरथकल के एच.आर. श्वेथा, वी.एस.यू. के नागराज एस. पाटिल, चाणक्य यूनिवर्सिटी के भारत और अंगादी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के आनंद देशपांडे शामिल हैं।

अल्वा का मुख्य भाषण "जागरूकता से कार्रवाई तक: पश्चिमी घाट में सामुदायिक‑आधारित पर्यावरण प्रबंधन" शीर्षक से होगा। वह स्थानीय समुदाय और युवा वर्ग की भूमिका को उजागर करेंगे, जिससे जैव विविधता संरक्षण और जलवायु लचीलापन बढ़ेगा।

विवेक अल्वा की फाउंडेशन ने शॉभवना और हरिश भाट पक्सहिवाना जैसे प्राकृतिक आवासों का सृजन किया है। पक्सहिवाना को 2021 में संयुक्त राष्ट्र के "Act to Restore for Climate Action" पहल के तहत मान्यता मिली, जिससे इसकी वैश्विक महत्वता सिद्ध होती है।

फाउंडेशन की एक और बड़ी पहल 46 गांवों को जोड़ने वाला "हसिरु संवाद" सम्मेलन है, जो 6‑7 जनवरी को अल्वा के नुदिसिरी‑विरासत कार्यक्रम के दौरान आयोजित होगा। यह पहल पर्यावरण संरक्षण को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गठित है।

Historical Background

पश्चिमी घाट, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, भारत की सबसे जैव विविधता‑सम्पन्न पहाड़ी श्रृंखलाओं में से एक है। पिछले दो दशकों में यहाँ जलवायु परिवर्तन, अतिक्रमण और शहरीकरण के कारण कई पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हुए हैं। सामुदायिक‑आधारित संरक्षण मॉडल ने इस क्षेत्र में कई सफल केस स्टडीज को जन्म दिया है, जो अब राष्ट्रीय नीति में सम्मिलित हो रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Alva’s participation bridges grassroots initiatives with high‑level BRICS policy dialogues, potentially influencing regional climate strategies across emerging economies.

"Community stewardship in the Western Ghats offers a replicable blueprint for biodiversity hotspots worldwide," says Dr. Priya Nair, climate policy expert.
Did You Know?: The Western Ghats house over 7,000 plant species, 70% of which are endemic to the region.

Frequently Asked Questions

Q1: What is the main focus of Alva’s presentation?
A: He will discuss how community engagement and youth participation can transform environmental awareness into concrete conservation actions in the Western Ghats.

Q2: How was the Pakshivana project recognized internationally?
A: It received acknowledgment under the United Nations “Act to Restore for Climate Action” initiative in 2021.