तमिलनाडु के किसानों ने थिरुमानिमुथार नदी में औद्योगिक अपशिष्ट बहाने के खिलाफ सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। प्रदूषण के कारण नदी के साथ-साथ भूजल और कावेरी नदी भी खतरे में है।

  • थिरुमानिमुथार नदी में डाईिंग उद्योगों का कचरा बहाया जा रहा है।
  • प्रदूषण से भूजल और कावेरी नदी का जल स्रोत भी प्रभावित हो रहा है।
  • किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है और जल्द ही अनशन शुरू करने की घोषणा की है।
  • सेलम नगर निगम के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के काम न करने का आरोप।

तमिलनाडु के किसानों ने थिरुमानिमुथार नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 'ऑल फार्मर्स एसोसिएशन ऑफ तमिलनाडु' की समन्वय समिति के अध्यक्ष पी.आर. पांडियन ने शनिवार को सेलम के कंडापट्टी में नदी का निरीक्षण किया और औद्योगिक कचरे के अनियंत्रित बहाव पर गहरी चिंता व्यक्त की।

पांडियन ने बताया कि थिरुमानिमुथार नदी का उद्गम कलवरयन और शेरवरोयन पहाड़ियों के संगम से होता है। यह नदी सेलम से होते हुए नमक्कल जिले के परमथी वेलूर में कावेरी नदी से मिल जाती है। वर्तमान में, डाइंग उद्योगों से निकलने वाला रासायनिक कचरा न केवल नदी के पानी को ज़हरीला बना रहा है, बल्कि इसने भूजल स्तर को भी बुरी तरह दूषित कर दिया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि इस प्रदूषण पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो इसका प्रभाव केवल स्थानीय खेती तक सीमित नहीं रहेगा। कावेरी नदी तमिलनाडु के लगभग 5 करोड़ लोगों के लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत है। औद्योगिक अपशिष्ट का यह प्रवाह एक बड़े पारिस्थितिक संकट और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल की ओर इशारा कर रहा है।

औद्योगिक विकास की कीमत हमारे जीवन रक्षक जल स्रोतों को देकर नहीं चुकाई जा सकती।

किसानों ने सेलम कॉर्पोरेशन के चार क्षेत्रों में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के गैर-कार्यात्मक होने का गंभीर आरोप लगाया है। कंडापट्टी बाईपास के पास पुल के नीचे जमा ठोस कचरे के कारण नदी का प्रवाह भी बाधित हो रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

थिरुमानिमुथार नदी ऐतिहासिक रूप से सेलम क्षेत्र की जीवन रेखा रही है। कृषि और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए यह अपरिहार्य रही है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में बढ़ते शहरीकरण और अनियंत्रित औद्योगिक विस्तार ने इसके प्राकृतिक स्वरूप को गंभीर नुकसान पहुँचाया है।

Did You Know?: कावेरी नदी दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदियों में से एक है, जो करोड़ों लोगों की कृषि और दैनिक जरूरतों को पूरा करती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: किसानों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: किसानों की मांग है कि सरकार थिरुमानिमुथार नदी में औद्योगिक अपशिष्ट (effluents) के बहाव को तुरंत रोके और नदी की सफाई करे।

प्रश्न 2: प्रदूषण का सबसे बड़ा खतरा क्या है?
उत्तर: सबसे बड़ा खतरा कावेरी नदी का दूषित होना है, जो 5 करोड़ लोगों के लिए पेयजल का स्रोत है।